कोलकाता, 13 जुलाई । पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और सबंग से सात बार विधायक रहे मानस भुइयां को कथित नौकरी दिलाने के बदले धन लेने के मामले में सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय से शर्तों के साथ अंतरिम राहत मिली। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगाई है, लेकिन जांच में पूरा सहयोग करने और कई शर्तों का पालन करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान मानस भुइयां की अंतरिम संरक्षण याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि वह फिलहाल सबंग थाना क्षेत्र से बाहर नहीं जा सकेंगे। इसके अलावा उन्हें अपना पासपोर्ट स्थानीय थाने में जमा कराना होगा और जांच एजेंसी को हर स्तर पर सहयोग करना होगा। इन शर्तों का पालन करने पर ही उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिलेगी।
यह मामला कथित नौकरी बिक्री से जुड़ा है। सबंग थाने में एक स्थानीय युवक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी को पांच लाख लेकर मानस भुइयां की मध्यस्थता से सरकारी नौकरी दिलाई गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार के सत्ता से बाहर होने के लगभग दो महीने बाद उसकी पत्नी की नौकरी समाप्त कर दी गई।
इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए मानस भुइयां ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया था।
हालांकि, पूर्व मंत्री ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया है। मामले की जांच जारी है और अदालत के निर्देशानुसार उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा।
