कोलकाता, 13 जुलाई । वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य, अधिवक्ता फिरदौस शमीम और विक्रम बनर्जी के चैंबर का घेराव और कथित उत्पीड़न करने के मामले में कोलकाता उच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। मामले के अन्य दोषियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
सोमवार को उच्च न्यायालय की तीन न्यायाधीशों की विशेष पीठ ने यह फैसला सुनाते हुए सभी आरोपितों को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया।
मामला उच्च प्राथमिक शिक्षक भर्ती से जुड़े एक न्यायिक आदेश के बाद का है। आरोप है कि तृणमूल समर्थक कुछ शिक्षक अभ्यर्थियों ने वंचित अभ्यर्थियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं के चैंबर का घेराव किया था। प्रदर्शन के दौरान न्यायमूर्ति बसु के चित्र का भी कथित रूप से अपमान किया गया था।
याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि तृणमूल नेता कुणाल घोष के कथित उकसावे पर ही प्रदर्शनकारियों ने हाई कोर्ट परिसर में यह घटना अंजाम दी थी। साथ ही, घटना से पहले और बाद में उनके द्वारा मीडिया में दिए गए कथित भड़काऊ बयानों को भी अदालत ने संज्ञान में लिया। इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर विशेष पीठ ने कुणाल घोष और अन्य आरोपितों पर जुर्माना लगाया।
