दुर्गापुर मे मरीज के डिस्चार्ज को लेकर निजी अस्पताल में बवाल, परिजनों पर तोड़फोड़ का आरोप; कई हिरासत में

दुर्गापुर । दुर्गापुर के सोभापुर स्थित एक निजी अस्पताल में रविवार देर रात मरीज को छुट्टी (डिस्चार्ज) देने को लेकर उत्पन्न विवाद ने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया। आरोप है कि नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया तथा तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया। स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित किया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी और तनाव का माहौल व्याप्त हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार अमरावती भाम्बे कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति को लगभग पंद्रह दिन पूर्व उपचार के लिए सोभापुर स्थित उक्त निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि मरीज की स्थिति में सुधार होने और चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ घोषित किए जाने के बावजूद अस्पताल प्रशासन उसे छुट्टी देने में अनावश्यक विलंब कर रहा था। परिजनों का यह भी दावा है कि अस्पताल के बिल और अन्य वित्तीय मामलों को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद उत्पन्न हो गया था। बताया जाता है कि रविवार रात मरीज के कई परिजन अस्पताल पहुंचे और प्रबंधन से डिस्चार्ज प्रक्रिया को लेकर बातचीत करने लगे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। आरोप है कि कुछ लोग उत्तेजित हो गए और उन्होंने अस्पताल के स्वागत कक्ष (रिसेप्शन), कांच के दरवाजों, खिड़कियों तथा अन्य फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया। घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद मरीजों, उनके परिजनों तथा कर्मचारियों में भय और दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही दुर्गापुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने अस्पताल परिसर में उपद्रव और तोड़फोड़ करने के आरोप में कई लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। फुटेज के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।।सूत्रों के अनुसार तोड़फोड़ की इस घटना में अस्पताल की संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा है। पुलिस क्षति का आकलन करने के साथ-साथ घटना के वास्तविक कारणों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।वहीं, घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। दूसरी ओर मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जानबूझकर मरीज को अस्पताल में रोके रखा गया था, जिससे परिवार के लोगों में आक्रोश पैदा हुआ। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच में जुटी हुई है।

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