आसनसोल के तृणमूल नेता ‘मिठाई बाबू’ विवाद ने फिर पकड़ा तूल, भाजपा नेता दुर्गेश नागी ने गिरफ्तारी की उठाई मांग

आसनसोल। आसनसोल की राजनीति में एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस के चर्चित नेता ‘मिठाई बाबू’ को लेकर विवाद गहरा गया है। भाजपा नेता दुर्गेश नागी ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित व्यक्ति को तत्काल गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और पूरा मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। जानकारी के अनुसार, कुछ महीने पहले सोशल मीडिया पर तृणमूल कांग्रेस से जुड़े चर्चित नेता ‘मिठाई बाबू’ द्वारा राज्य की मंत्री एवं विधायक को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने का आरोप लगा था। इस घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क पर उतरकर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की थी। उस समय भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया था कि राजनीतिक संरक्षण के कारण आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी मुद्दे को एक बार फिर उठाते हुए भाजपा नेता दुर्गेश नागी ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के बाद से ही ‘मिठाई बाबू’ सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहा है और प्रशासन भी पूरे मामले में निष्क्रिय बना हुआ है। दुर्गेश नागी ने अपने बयान में कहा कि हाल ही में जिस प्रकार अपराधियों के खिलाफ पुलिस द्वारा सार्वजनिक कार्रवाई की गई थी, उसी प्रकार इस मामले में भी सख्त कदम उठाए जाने चाहिए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला या जनप्रतिनिधि के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना अस्वीकार्य है और ऐसे लोगों के खिलाफ उदाहरण प्रस्तुत करने वाली कार्रवाई होनी चाहिए।भाजपा नेता ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाए तथा ऐसी कार्रवाई की जाए जिससे आम जनता के बीच यह संदेश पहुंचे कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलेगा। हालांकि, पूरे मामले को लेकर अब तक प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, ‘मिठाई बाबू’ की ओर से भी इन आरोपों और भाजपा नेता के बयान पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इस घटना के बाद आसनसोल समेत पूरे औद्योगिक क्षेत्र की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है। फिलहाल राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम लोगों की नजर भी प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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