
चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न, लेकिन पोस्ट-इलेक्शन हिंसा पर कड़ी चेतावनी | 200 गिरफ्तार, केंद्रीय बल व पुलिस पूरी तरह अलर्ट
आसनसोल |पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद पश्चिम बर्दवान जिला प्रशासन ने पहली बार एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता आयोजित कर स्पष्ट संदेश दिया—“शांति बनाए रखें, कानून से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
इस उच्चस्तरीय बैठक में सेंट्रल फोर्स अधिकारी सुनील कुमार सिंह, जिला शासक एस. पन्ना बलम तथा आसनसोल-दुर्गापुर के पुलिस कमिश्नर प्रणव कुमार उपस्थित रहे।
चुनाव शांतिपूर्ण, लेकिन प्रशासन सतर्क
अधिकारियों ने जानकारी दी कि पूरे जिले में चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। इसके बावजूद चुनाव के बाद माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
केंद्रीय बल की सख्ती
सेंट्रल फोर्स अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि केंद्रीय बल पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे कानून अपने हाथ में न लें और शांति बनाए रखें। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया गया है।
जिला प्रशासन की अपील
जिला शासक एस. पन्ना बलम ने शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने में सहयोग के लिए जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने की अपील करते हुए सभी एडीएम, एसडीओ और बीडीओ को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पुलिस कमिश्नर प्रणव कुमार ने बताया कि अब तक करीब 200 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबरन कब्जा, तोड़फोड़ या किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई जारी है। हर संदिग्ध गतिविधि पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है।
शांति और सामाजिक संतुलन पर जोर
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी राजनीतिक या धार्मिक स्थल को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। सभी समुदायों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है। साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस महज औपचारिकता नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सख्त मंशा का स्पष्ट संकेत है।
पश्चिम बर्दवान प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और किसी भी स्थिति में शांति भंग नहीं होने देने के लिए प्रतिबद्ध है।
अब यह देखना अहम होगा कि आम जनता इस अपील का कितना पालन करती है और जिले में शांति व्यवस्था को बनाए रखने में किस तरह सहयोग देती है।
