
आसनसोल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के साथ ही पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल में एक बड़ा और प्रतीकात्मक बदलाव सामने आया है। बस्तिन बाजार स्थित श्री-श्री दुर्गामाता चैरिटेबल ट्रस्ट का दुर्गा मंदिर, जो वर्षों से विवादों के कारण बंद था, अब हमेशा के लिए आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है।
आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने अपना चुनावी वादा निभाते हुए परिणाम घोषित होते ही मंदिर के कपाट खुलवा दिए। मंदिर खुलते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और “जय माता दी” के जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।
इस चुनाव में कृष्णेंदु मुखर्जी ने 1,04,516 वोट हासिल कर टीएमसी के वरिष्ठ नेता मलय घटक को पराजित किया। खास बात यह है कि यह सीट पहली बार भाजपा के खाते में आई है, जहां वर्ष 2011 से टीएमसी का वर्चस्व रहा था।
स्थानीय लोगों के लिए यह मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है, लेकिन लंबे समय से विवादों के चलते यहां नियमित पूजा-अर्चना बंद थी। वर्ष में केवल दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा जैसे विशेष अवसरों पर ही मंदिर के द्वार खोले जाते थे। अब विधायक के हस्तक्षेप के बाद मंदिर वर्ष के 365 दिन खुला रहेगा, जिससे श्रद्धालु नियमित रूप से पूजा कर सकेंगे।

प्रेस वार्ता में कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा, “मैंने अपने चुनाव अभियान की शुरुआत इसी मंदिर से की थी। सनातन परंपरा के अनुसार मंदिर में प्रतिदिन पूजा-अर्चना होनी चाहिए। अब यह मंदिर पूरे वर्ष खुला रहेगा और यहां विधिवत पूजा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।”
पश्चिम बर्धमान जिले की सभी 9 सीटों पर भाजपा की जीत के बीच मंदिर का खुलना न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। करीब 15 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद मंदिर के कपाट खुलने से स्थानीय लोगों में खुशी और उत्साह का माहौल है, और वे इसे अपनी आस्था की बड़ी जीत मान रहे हैं।
