
गैस संकट, एसआईआर और प्रशासनिक हस्तक्षेप के मुद्दों पर साधा निशाना, बोलीं— “यह कौरव-पांडव की लड़ाई”
पांडवेश्वर। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पांडवेश्वर से दक्षिण बंगाल में अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी, केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा और कई अहम मुद्दों को जनता के सामने रखा। पांडवेश्वर के लावदोहा फुटबॉल ग्राउंड में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के समर्थन में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनावी माहौल को गर्म कर दिया। अपने भाषण में उन्होंने कहा, “यह चुनाव कौरवों और पांडवों के बीच की लड़ाई है। हम पांडव हैं और वे कौरव हैं।” उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ने रसोई गैस संकट को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि हाल ही में गैस बुकिंग के नियमों में बदलाव की खबर सामने आई है, जिसके तहत 25 दिनों से पहले गैस बुकिंग संभव नहीं होगी। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा, “मुझे नहीं पता यह कितना सही है, लेकिन अगर ऐसा है तो जब गैस खत्म हो जाएगी तो लोग क्या करेंगे? घर की महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।” गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर भी उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले गैस सिलेंडर की कीमत लगभग 400 रुपये थी, जो अब बढ़कर 1100 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि बड़े सिलेंडर की कीमत 2100 रुपये हो गई है। इसके साथ ही ममता बनर्जी ने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों लोगों के नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं और इस सूची को समय पर न तो राजनीतिक दलों को दिया गया और न ही सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया। उन्होंने कहा, “लिस्ट तीन दिन पहले प्रकाशित हुई, लेकिन इसे सभी जगह उपलब्ध क्यों नहीं कराया गया? इसका जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए।” उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश देते हुए कहा कि जिन लोगों के नाम सूची से छूट गए हैं, उनके सभी आवश्यक दस्तावेज एकत्रित किए जाएं और उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराकर ट्रिब्यूनल भेजा जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदान से वंचित न रहे।

चुनाव के मद्देनज़र प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों के मुद्दे पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी योग्य हैं और जनता ही अंतिम निर्णय लेगी। साथ ही उन्होंने मतदान और मतगणना के दिन की जिम्मेदारी महिलाओं को सौंपते हुए कहा कि वे बड़ी संख्या में बाहर निकलकर लोकतंत्र को मजबूत करें। इस जनसभा के माध्यम से ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया कि तृणमूल कांग्रेस आगामी चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में है और हर मुद्दे पर विपक्ष को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।
