
तीन दिवसीय फाल्गुन महोत्सव का भव्य समापन
आसनसोल। श्री श्याम एवं दादी मंदिर, नियामतपुर धाम में आयोजित तीन दिवसीय रंग-रंगीला फाल्गुन महोत्सव श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम बनकर संपन्न हुआ। तीन दिनों तक मंदिर परिसर श्याम नाम के जयघोष, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की अपार आस्था से गुंजायमान रहा, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में रंग गया।
महोत्सव की शुरुआत भव्य निशान शोभा यात्रा से हुई। रंग-बिरंगे ध्वजों और पुष्पों से सुसज्जित यात्रा में बाबा श्याम की आकर्षक एवं मनमोहक झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। महाकाल बैंड की मधुर एवं जोशीली धुनों ने वातावरण को उत्साह और भक्ति से भर दिया। नगर भ्रमण करते हुए निकली यह भव्य शोभा यात्रा अंततः बाबा श्याम के श्रीचरणों में निशान अर्पित कर संपन्न हुई।

फाल्गुन शुक्ल एकादशी के पावन अवसर पर कोलकाता से पधारे सुप्रसिद्ध भजन गायक सौरभ राजपूत ने अपनी भावपूर्ण भजन प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थानीय भजन मंडलियों ने भी भक्ति रस से ओतप्रोत भजनों की श्रृंखला प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। “श्याम नाम” के अखंड संकीर्तन से मंदिर परिसर देर रात तक श्रद्धा की स्वर लहरियों से गूंजता रहा।

फाल्गुन शुक्ल द्वादशी के अवसर पर पाठ आकाश-परिचय के द्वारा संगीतमय श्री श्याम अखण्ड ज्योति पाठ किया गया, जिसमें 251 सुहागन महिलाओं ने श्रद्धा, समर्पण और विधि-विधान के साथ सहभागिता निभाई। दीपों की पावन ज्योति, मंत्रोच्चार और भक्ति भाव ने पूरे वातावरण को दिव्य एवं अलौकिक बना दिया। श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि, परिवार कल्याण एवं विश्व शांति की कामना की।
महोत्सव के समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर आध्यात्मिक संतोष का अनुभव किया।

कार्यक्रम की सफलता में मंदिर कमिटी के सदस्य अरुण अग्रवाल, वेदप्रकाश अग्रवाल, राजेश डोकानियां, अमित बांका, शंभू अग्रवाल, अमित अग्रवाल, विक्की डोकानियां, नवीन गोयनका, संजय डोकानियां, शक्ति बोहरा, ललित डोकानियां, आनंद जायसवाल, अंकित अग्रवाल, विशाल शर्मा एवं राकेश बंसल ने समर्पण, सहयोग और उत्कृष्ट व्यवस्थापन के साथ आयोजन को भव्य, सुव्यवस्थित एवं यादगार स्वरूप प्रदान किया।
