
आसनसोल । ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने और सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सोमवार को आसनसोल के बराकर सब ट्रैफिक गार्ड की ओर से बेगुनिया चेकपोस्ट के समीप मोडिफाइड (संशोधित) साइलेंसर के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व ट्रैफिक गार्ड प्रभारी विनय नायक तथा एएसआई रविंद्रनाथ लायक ने किया। अभियान के दौरान चिरकुंडा (झारखंड) की ओर से पश्चिम बंगाल सीमा में प्रवेश करने वाली मोटरसाइकिलों को रोककर विशेष जांच की गई। पुलिस द्वारा ध्वनि स्तर मापने वाले उपकरणों की मदद से साइलेंसर की जांच की गई। जांच के क्रम में कई वाहनों में अवैध रूप से लगाए गए मोडिफाइड साइलेंसर पाए गए, जिन्हें मौके पर ही खोलकर जब्त कर लिया गया। संबंधित चालकों से मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जुर्माना भी वसूला गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तेज आवाज वाले साइलेंसर न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं, बल्कि इससे आम नागरिकों, बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को भी असुविधा होती है। साथ ही ऐसे साइलेंसर सड़क सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते हैं। इसलिए इस तरह के अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे। गौरतलब है कि इससे एक दिन पूर्व रविवार देर शाम कुल्टी ट्रैफिक गार्ड पुलिस द्वारा कुल्टी कॉलेज मोड़ के पास भी इसी तरह का विशेष अभियान चलाया गया था। उस दौरान सिविक वॉलंटियर भी मौजूद थे और कई वाहनों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की गई थी। सोमवार को बेगुनिया चेकपोस्ट पर चलाए गए अभियान की सूचना मिलते ही कई मोटरसाइकिल चालकों में हड़कंप की स्थिति देखी गई। कुछ चालक दूर से ही ट्रैफिक पुलिस को देखकर वापस चिरकुंडा की ओर लौट गए।स्थानीय लोगों ने ट्रैफिक पुलिस की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि तेज आवाज वाले साइलेंसर से क्षेत्र में लगातार परेशानी हो रही थी। उन्होंने प्रशासन से ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाने की मांग की, ताकि ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
