रानीगंज। सिख नववर्ष एवं चैत माह के अवसर पर विभिन्न गुरुद्वारों में संगरांद मनाया गया। ग्रंथि के द्वारा शब्द कीर्तन का सिमरन किया गया। आसनसोल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार अमरजीत सिंह भरारा ने कहा कि चैत महीने का आरंभ हुआ है प्रभु का सिमरन करने से मन को विशेष शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि नानकशाही कैलेंडर के मुताबिक नया वर्ष हम लोगों का आज से शुरू हुआ है नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और सभ्यता के साथ जोड़ने और जानकारी देने के लिए भव्य कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया जिससे कि हम सब प्रभु का सिमरन और गुरबाणी का गायन करते हुए नये वर्ष में प्रवेश करें और परमात्मा की खुशियों को प्राप्त करें। इस अवसर पर फूलों से सुसज्जित पालकी साहिब एवं दरबार हॉल को सजाया गया था। सभी ने एक दूसरे को नानकशाही नववर्ष की बधाई दी। उन्होंने नववर्ष की लख लख बधाइयां संगतो को दी। गुरु का लंगर का आयोजन हुआ।
