हिंदी पत्रकारिता दिवस (30 मई) पर विशेष – मीडिया : दरकते भरोसे को बचाएं कैसे – प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी, पूर्व महानिदेशक, भारतीय जन संचार संस्थान

हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाते समय हम सवालों से घिरे हैं और जवाब नदारद हैं। पं.जुगुलकिशोर शुकुल ने जब 30 मई ,1826 को कोलकाता से उदंत मार्तण्ड की शुरुआत की तो…

जयंती (4 जून पर विशेष) ; पद्मश्री मालती जोशी भारतीय परिवारों की आत्मीय कथाकार – प्रो.संजय द्विवेदी

जयंती (4 जून पर विशेष) ख्यातिनाम कथाकार ,उपन्यासकार श्रीमती मालती जोशी के निधन की सूचना ने साहित्य जगत में जो शून्य रचा है, उसकी भरपाई संभव नहीं है।गत 15 मई,…

बदलते बयान,खटाखट इंटरव्यू और घबराहट भरी देहभाषा बता रही है हवा का रुख किधर है

जैसे-जैसे यह साफ हो रहा है कि बीजेपी उत्तरी राज्यों में भी दबाव में होने के कारण बैकफुट पर है, आलोचक और प्रशंसक- दोनों ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक-एक…

शनिवार को पृथ्वी की चमक से चमकेगा हंसियाकार चंद्रमा

भोपाल, 10 मई । खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए शनिवार, 11 मई की शाम आसमान में एक अद्भुत खगोलीय घटना घटने जा रही है। जब आप पश्चिम…

“सरकार बनाने में महिला मतदाताओं की अहम भूमिका”

क्रांति कुमार पाठक ———————– विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में 18 वीं लोकसभा के चुनाव का आगाज हो चुका है। यहां 18 वीं लोकसभा के लिए सात चरणों…

लोकसभा चुनाव : राणाघाट- 2019 में भाजपा ने मारी थी बाजी, इस बार तृणमूल से सीधा मुकाबला

  कोलकाता, 17 अप्रैल । लोक सभा चुनाव का सियासी दंगल पूरे देश में चल रहा है। पश्चिम बंगाल में लड़ाई दिलचस्प है क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस राज्य की…

“मायावती की राजनीति का रंग”

क्रांति कुमार पाठक ———————– लोकसभा चुनाव 2024 का जुनून अब हर एक राजनीतिक दल के सिर पर चढ़कर बोल रहा है। भारत की राजनीति को अगर हम वर्तमान संदर्भ में…

लोकसभा चुनाव : जयनगर – वन संपदा से भरपूर इस क्षेत्र में फिर तृणमूल भाजपा में सीधी टक्कर, जान लें क्या है राजनीतिक समीकरण

  कोलकाता, 12 अप्रैल । लोकसभा चुनाव के ऐलान के बाद पूरे देश में राजनीतिक दंगल शुरू हो गया है। पश्चिम बंगाल में लड़ाई दिलचस्प है क्योंकि यहां विपक्षी दलों…

बाबा साहब आंबेडकर जयंती(14 अप्रैल पर विशेष ) : ‘मूक’ समाज को आवाज देकर बन गए उनके ‘नायक’ – प्रो.(डा.) संजय द्विवेदी

बाबा साहब आंबेडकर जयंती(14 अप्रैल पर विशेष) “अगर कोई इंसान, हिंदुस्तान के क़ुदरती तत्वों और मानव समाज को एक दर्शक के नज़रिए से फ़िल्म की तरह देखता है, तो ये…

सावधान रहिए मित्रों! ये वोट के लिए मुफ्त में कुछ भी दे सकते हैं। हो सकता है “एक वोट के लिए एक पान ही खिला दें”…”पान की पीक”

गिरिधर राय (हास्य कवि) “पान की पीक” लाइन में खड़ा पहलवान मुँह में लिये पान काफी था परेशान थूकने के लिए पीछे वाले समाज सेवी ने पूछा अरे पहलवान क्यों…