
हावड़ा । भागवताचार्य त्रिभुवनपुरी महाराज के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ में भागवत महात्मय, शुकदेव जी के आगमन एवं विविध प्रसंग में संगीतमय कथा सुन कर श्रोता भाव विभोर हो गये ।

स्वामी त्रिभुवनपुरी महाराज ने कहा भागवत कथा का प्रारम्भ एवं समापन प्रभु वन्दना से होता है । शुभ कार्यों के पूर्व मंगलाचरण के प्रसंग में उन्होंने धर्म मार्ग पर चलते हुए सभी के प्रति बंधुत्व सद्भावना की प्रेरणा दी । पुष्प की सुगन्ध पर स्वामी त्रिभुवनपुरी महाराज ने कहा ईश्वर की संरचना, प्रकृति के फूल से सुगन्ध का आभास होता है, कागज के फूल से नहीं होता । परोपकार श्रेष्ठ मानव धर्म है । मर्यादित आचरण से धर्म के प्रति आस्थावान भक्त को जीवन में सुख-शान्ति मिलती है । विजय सिंह, संदीप पोद्दार, अनिल जालान, राजेश डालमिया, मनोज अग्रवाल, दिलीप कानोड़िया एवं श्रद्धालु भक्तों ने व्यास पीठ का पूजन किया ।
