
हावड़ा । गंगा किनारे सेठ बंशीधर जालान स्मृति नया मन्दिर के प्रांगण में भागवताचार्य स्वामी त्रिभुवनपुरी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में प्रभु वन्दना, सत्संग की प्रेरणा देते हुए कहा मानव शरीर रूपी रथ की बागडोर प्रभु की शरण में करने से प्रभु भवसागर को पार कर रथ ले जायेंगे । सत्संग से जीवन में विवेक का ज्ञान होता है । मंगल कलश यात्रा में श्रद्धालु भक्तों, महिलाओं में उत्साह, भक्ति भावना देखने मिली । विधायक विजय ओझा, विजय सिंह, संदीप पोद्दार, अनिल जालान, राजेश डालमिया, मनोज अग्रवाल, दिलीप कानोड़िया, लाल बहादुर पाठक एवं श्रद्धालु भक्तों ने व्यास पीठ का पूजन किया ।
साँवरिया सत्संग परिवार एवं श्री श्याम परिवार (हावड़ा) सुखी संसार के संयुक्त तत्वावधान में श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर स्वामी त्रिभुवनपुरी महाराज ने कहा भक्ति के साधन – प्रार्थना, पूजा, स्तुति-वंदना, स्मरण एवं धर्म कथा श्रवण करने से प्रभु चरणों में सदगति मिलती है ।

स्वामी त्रिभुवनपुरी महाराज ने श्रोताओं को भाव विभोर करते हुए कहा भारत में बच्चों का नामकरण देवी-देवताओं के नाम पर रामचन्द्र, कृष्ण, विष्णु, सीता, द्रोपदी, अनसुइया, उत्तरा करते हैं लेकिन बच्चों में सनातन वैदिक संस्कृति का ज्ञान, संस्कार नहीं है । नारी शक्ति पूज्य है, भगवान श्रीराम की माताजी कौशल्या, श्रीकृष्ण की माताजी देवकी (यशोदा) के जीवन से प्रेरणा लेकर अपनी सन्तान को संस्कारित करें ।
