तपस्विनी कुसुम देवी बैद के 1 माह तप, दृढ़ मनोबल, संयम की अनुमोदना

कोलकाता । श्री वर्द्धमान जैन संघ के सचिव विजय चन्द बैद की धर्मपत्नी कुसुम देवी बैद ने 1 माह तक निराहार रहकर कठिन मासखमण तपस्या पूर्ण की । मुनि रविन्द्र विजय महाराज, मुनि महेन्द्र विजय महाराज के सानिध्य में जैन संस्कार विधि के अनुसार मांगलिक मंत्रोच्चार के बीच कुसुम देवी बैद का पारणा करवाया गया । तपस्विनी के दृढ़ मनोबल, संयम और अटूट इच्छाशक्ति की समाजजनों ने सराहना की । तपस्या के दौरान उन्होंने सामायिक, जप, स्वाध्याय, धर्म-ध्यान और प्रवचन श्रवण के साथ साधना को निरंतर बनाए रखा । श्री वीर मंडल के सदस्यों द्वारा सत्रहभेदी पूजा सम्पन्न कराई गई । मुनि रविन्द्र विजय महाराज ने कहा लगातार 1 महीने तक निराहार रहना दृढ़ मनोबल, रसनेन्द्रिय पर विजय और अटूट इच्छाशक्ति का अनुपम उदाहरण है । मासखमण जैन धर्म में की जाने वाली एक महीने की कठिन तपस्या है । यह एक माह तक लगातार चलने वाला उपवास या निराहार साधना है । एक महीने की कठोर तपस्या के बाद विधि-विधान और जैन परंपरा के अनुसार तपस्वी – तपस्विनी का पारणा किया जाता है ।


श्री वर्द्धमान जैन संघ के सभी ट्रस्टी, चातुर्मास प्रबन्ध समिति के सदस्य तथा विनय बैद, अंकिता बैद, वियान बैद, प्रदीप बैद, अजय बैद एवं आनन्द राज कोचर, नरेन्द्र कोचर (कटक), जेठमल जी अशोक कुमार मरोटी (सिलचर), श्रीपाल सुराणा हुलास लूणावत (चेन्नई) विनीत नाहटा (कानपुर), प्रकाश भूरा (तेजपुर) एवं कार्यकर्ता सक्रिय रहे ।

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