
रानीगंज। रानीगंज में पुलिस की तत्परता, सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता की एक सराहनीय मिसाल सामने आई है। आमरासोता मोड़ के समीप ड्यूटी पर तैनात रानीगंज ट्रैफिक गार्ड के पुलिसकर्मियों और सिविक वॉलंटियर की सजगता से दोपहर से लापता दो मासूम भाइयों को सकुशल बरामद कर लिया गया। दोनों बच्चों को आवश्यक औपचारिकताओं के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया। जानकारी के अनुसार, रानीगंज के तिवारी पाड़ा निवासी बीपी मलाकार के दो पुत्र, गोपाल मलाकार और कौशिक मलाकार, जिनकी उम्र करीब 5 से 7 वर्ष के बीच बताई जा रही है, बुधवार दोपहर अचानक घर से लापता हो गए थे। काफी समय बीत जाने के बावजूद दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजन बेहद चिंतित हो उठे। परिवार के सदस्यों ने आसपास के इलाकों में बच्चों की तलाश शुरू की, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी उनका पता नहीं चल सका। इसी बीच आज देर शाम रानीगंज के पंजाबी मोड़ इलाके के आमरासोता मोड़ के पास ड्यूटी पर तैनात सिविक वॉलंटियर शिबू गोप की नजर दो छोटे बच्चों पर पड़ी। दोनों बच्चे वहां भटकते हुए दिखाई दिए। उनकी गतिविधियों और अवस्था को देखते हुए शिबू गोप को संदेह हुआ कि संभवत: दोनों बच्चे अपने परिवार से बिछड़ गए हैं। उन्होंने तत्काल बच्चों से बातचीत कर उनकी पहचान और घर के संबंध में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया।
सिविक वॉलंटियर शिबू गोप ने बिना समय गंवाए मामले की जानकारी रानीगंज ट्रैफिक गार्ड के प्रभारी शशिनाथ शील को दी। सूचना मिलते ही ट्रैफिक प्रभारी ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दोनों बच्चों को अपने संरक्षण में लिया। इसके बाद बच्चों से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर उनके परिजनों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस और सिविक वॉलंटियर की त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ कि दोनों बच्चे तिवारी पाड़ा निवासी बीपी मलाकार के पुत्र गोपाल मलाकार और कौशिक मलाकार हैं तथा दोपहर से अपने घर से लापता थे। बच्चों के सुरक्षित मिलने की सूचना परिवार तक पहुंचते ही परिजनों ने राहत की सांस ली। इसके बाद दोनों बच्चों को पंजाबी मोड़ थाना के हवाले कर दिया गया, जहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें सुरक्षित रूप से उनके परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि सार्वजनिक स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों और सिविक वॉलंटियर की सतर्कता और संवेदनशीलता कई बार बड़ी अनहोनी को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि समय रहते दोनों बच्चों पर सिविक वॉलंटियर की नजर नहीं पड़ती, तो उनके साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। दोनों मासूमों को सुरक्षित बरामद कर परिवार तक पहुंचाने में रानीगंज ट्रैफिक गार्ड के प्रभारी साथीनाथ सील और सिविक वॉलंटियर शिबू गोप की तत्परता की स्थानीय लोगों और परिजनों ने सराहना की। पुलिस और नागरिक स्वयंसेवक के बीच बेहतर समन्वय तथा तत्काल निर्णय लेने की क्षमता के कारण एक चिंताजनक स्थिति सुखद परिणाम में बदल गई और परिवार को उनके दोनों मासूम बच्चे सुरक्षित वापस मिल गए।
