
कोलकाता, 5 अगस्त 2026 — पूर्व रेलवे ने 1 अप्रैल से 31 जुलाई, 2026 के बीच अपनी माल ढुलाई सेवाओं में वर्ष-दर-वर्ष ठोस सुधार का दावा किया है। रेलवे जोन के अनुसार इसी अवधि में कुल माल लदान 33.391 मिलियन टन रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि के 32.599 मिलियन टन की तुलना में 2.43 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इस वृद्धि के चलते माल राजस्व भी बढ़कर ₹3,192.97 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष के ₹3,044.11 करोड़ की तुलना में 4.89 प्रतिशत अधिक है।
आयातित कोयले का परिवहन इस प्रदर्शन का प्रमुख स्तंभ रहा। आयातित कोयले की लदान मात्रा 21.567 मिलियन टन से बढ़कर 23.14 मिलियन टन तक पहुंची, यानी 7.29 प्रतिशत का उछाल। कोयला माल ढुलाई से प्राप्त राजस्व में भी 13.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह ₹2,263.20 करोड़ हो गया (पिछला वर्ष: ₹1,998.95 करोड़)। रेलवे का कहना है कि यह थोक ऊर्जा लॉजिस्टिक्स में इसकी मजबूती और बढ़ती बाजार भागीदारी को दर्शाता है।
पूर्व रेलवे ने कहा है कि माल ढुलाई में सुधार का सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था और आम जनता को मिल रहा है। कोयले की निर्बाध आपूर्ति के कारण घरों, अस्पतालों तथा उद्योगों को विद्युत आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। इसके अलावा रेल द्वारा किफायती माल परिवहन ने स्थानीय बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित रखने और व्यापारिक गतिविधियों व रोजगार सृजन में मदद की है।
अतिरिक्त राजस्व से पूर्व रेलवे ट्रैक आधुनिकीकरण, स्टेशन सुविधाओं में सुधार तथा आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण में निवेश बढ़ा रहा है। रेलवे की ओर से कहा गया है कि वह अपने माल परिवहन नेटवर्क के और विस्तार तथा सेवाओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण के माध्यम से सतत और समावेशी क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
