
कोलकाता, 30 जुलाई। बालिका शिक्षा सदन और मुरारी लाल मेहता विद्या मंदिर का 75 वर्ष होने पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन महाजाति सदन में आयोजित किया गया। इस अवसर पर डाॅ श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के चेयरमैन डाॅ अनिबरन गांगुली ने अपने वक्तव्य में कहा कि जिस तरह से भारत विकास की ओर बढ़ रहा है ठीक उसी तरह यह विद्यालय भी अपनी प्रगति की ओर अग्रसर है। आज का रोजगार बाजार तेजी से बदल रहा है। कृत्रिम बुद्धिमता, स्वचालन और नई तकनीकों ने कार्य स्थलों की प्रकृति बदल दी है। ऐसे समय में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। डाॅ गांगुली ने कहा कि रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच, अनुकूलन क्षमता और आजीवन सीखने की प्रवृति जैसी विशेषताएँ ही भविष्य की सफलता की कुंजी हैं। मौके पर उपस्थित संजय चट्टोपाध्याय ने कहा कि हमें गर्व है कि यह विद्यालय अपना 75 वाॅ वर्ष मना रहा है ।अधिक गौरवान्वित महसूस तब करूँगा जब यह विद्यालय 100 वर्ष पूर्ण करेगा। जीवन में हर विद्यार्थी कभी न कभी असफलता का सामना करता है। किसी परीक्षा में अपेक्षित अंक नहीं मिलते, किसी प्रतियोगिता में हार मिलती है या नौकरी और इंटर्नशिप के लिए आवेदन अस्वीकार हो जाता है। यही अनुभव धैर्य, आत्मविश्लेषण और निरन्तर प्रयास करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो विद्यार्थी असफलता से सीखना जानते हैं, वे जीवन में अधिक मजबूत और सफल बनते हैं। इस अवसर पर विद्यार्थीयों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। इस महत्वपूर्ण आयोजन को सफल बनाने में बालिका शिक्षा सदन की प्रधानाध्यापिका मधुमिता दत्ता, मुरारी लाल मेहता विद्या मंदिर की प्रधानाध्यापिका दीपा दास गुप्ता, मंत्री अजय काजरिया, सभापति ओ पी कानोडिया, अखिलेश काजरिया का विशेष योगदान रहा।
