पंचायत कार्यालय में कथित शराब पार्टी का आरोप, वीडियो वायरल,भाजपा-तृणमूल आमने-सामने


जामुड़िया। पश्चिम बर्धमान जिले के जामुड़िया स्थित चिचुड़िया ग्राम पंचायत कार्यालय के भीतर कथित तौर पर शराब पार्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। वायरल वीडियो में कुछ लोग पंचायत कार्यालय के अंदर बैठकर खाना-पीना करते नजर आ रहे हैं। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि वहां शराब का सेवन किया जा रहा था। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और वीडियो में दिखाई दे रहे पेय पदार्थ के शराब होने की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि वीडियो में कुछ लोग पंचायत कार्यालय के भीतर एक टेबल के आसपास बैठे दिखाई दे रहे हैं। टेबल पर खाने-पीने की सामग्री रखी हुई है और कुछ लोगों के हाथ में गिलास नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठने लगा है कि यदि घटना पंचायत कार्यालय के अंदर की है तो कार्यालय बंद होने के बाद वहां लोगों का प्रवेश कैसे हुआ और उन्हें कार्यालय के अंदर बैठने की अनुमति किसने दी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे कुछ लोगों की पहचान भाजपा कार्यकर्ताओं के रूप में होने का दावा किया जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि इनमें कुछ ऐसे लोग शामिल हैं, जिन्होंने हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा है। हालांकि, इन दावों की भी आधिकारिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित लोगों की ओर से इस संबंध में क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। वीडियो वायरल होने के बाद पंचायत कार्यालय के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पंचायत कार्यालय ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने वाला महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में कार्यालय परिसर में निजी तौर पर किसी तरह का आयोजन या पार्टी किए जाने की शिकायत सामने आने पर इसकी जांच की मांग उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पंचायत कार्यालय के भीतर वास्तव में इस तरह की गतिविधि हुई है तो यह गंभीर विषय है। वहीं, यह भी स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि वीडियो कब का है, उसमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं और पंचायत कार्यालय में वे किस अनुमति से पहुंचे थे। इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस की ओर से भाजपा पर निशाना साधा गया है। जामुड़िया ब्लॉक-2 के छात्र नेता अर्क पात्र ने आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत पर कब्जा करने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा सरकारी कार्यालय में इस तरह की गतिविधियां की जा रही हैं। उन्होंने इसे भाजपा की संस्कृति बताते हुए सवाल उठाया कि सरकारी कार्यालय को इस प्रकार निजी मनोरंजन का स्थान कैसे बनाया जा सकता है। वही जामुड़िया के विधायक डॉ. बिजन मुखर्जी ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मामले में किसी व्यक्ति की राजनीतिक पहचान देखकर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। विधायक ने स्पष्ट किया कि आरोपी किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो—तृणमूल कांग्रेस, भाजपा या किसी अन्य दल से—मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोष साबित होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। सरकारी भवन में इस प्रकार की अनधिकृत या अनैतिक गतिविधियों को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, पूरे मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रशासन की ओर से वीडियो की सत्यता, उसकी रिकॉर्डिंग की तारीख, वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान तथा पंचायत कार्यालय में उनके प्रवेश के संबंध में जांच किए जाने की आवश्यकता है। अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाया जाता है, यह देखने वाली बात होगी। वहीं, यदि वीडियो को लेकर किए जा रहे दावे तथ्यहीन पाए जाते हैं तो उसकी स्थिति भी जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगी।

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