सत्ता बदली, पर सिस्टम नहीं? जामुड़िया की तापसी रेलवे साइडिंग में पुराने वर्चस्व को लेकर उठे सवाल

जामुड़िया। पश्चिम बर्दवान जिले के जामुड़िया थाना क्षेत्र स्थित तापसी रेलवे साइडिंग एक बार फिर सुर्खियों में है। स्थानीय श्रमिकों, डंपर चालकों और कुछ कारोबारियों ने साइडिंग के संचालन, श्रमिकों के भुगतान तथा कार्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद भी साइडिंग की कार्यप्रणाली में अपेक्षित बदलाव नहीं आया है और पहले की तरह कुछ प्रभावशाली लोगों का वर्चस्व बना हुआ है। स्थानीय सूत्रों एवं श्रमिकों के अनुसार, तापसी रेलवे साइडिंग के संचालन में आज भी पूर्व विधायक हरे राम सिंह के परिवार का प्रभाव बना हुआ है। आरोप लगाया जा रहा है कि साइडिंग के संचालन में पूर्व विधायक के पुत्र प्रेमपाल सिंह तथा उनके एक रिश्तेदार की प्रमुख भूमिका है। हालांकि, इस संबंध में किसी सक्षम सरकारी एजेंसी या प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार साइडिंग में कार्यरत श्रमिकों का कहना है कि यहां लगभग 250 से 300 मजदूर, डंपर चालक और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपनी आजीविका चलाते हैं। उनका आरोप है कि कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पाता और कई बार अन्य आवश्यक सुविधाओं से भी वंचित रहना पड़ता है। इससे श्रमिकों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। स्थानीय कारोबारियों का आरोप है कि रेलवे रैक से आने वाले कोयला, आयरन तथा अन्य कच्चे माल की अनलोडिंग में देरी होने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि समय पर अनलोडिंग नहीं होने पर रेलवे के नियमों के अनुसार अतिरिक्त शुल्क अथवा जुर्माना देना पड़ता है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। कारोबारियों का दावा है कि देरी के कारण उन्हें प्रति घंटे हजारों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार वहन करना पड़ता है। तापसी रेलवे साइडिंग को रानीगंज, जामुड़िया और मेजिया के औद्योगिक क्षेत्र की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। यहां रेलवे रैक के माध्यम से आने वाला कोयला एवं अन्य कच्चा माल डंपरों के जरिए विभिन्न औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाया जाता है। ऐसे में साइडिंग के संचालन में किसी भी प्रकार की देरी का सीधा असर उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि श्रमिकों की समस्याओं, वेतन भुगतान और कार्य व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया तो असंतोष और बढ़ सकता है। उनका मानना है कि प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर श्रमिकों और कारोबारियों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, ताकि औद्योगिक गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो सकें। श्रमिकों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तापसी रेलवे साइडिंग के संचालन, श्रमिकों के भुगतान, कार्य व्यवस्था तथा लगाए जा रहे अन्य आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि कहीं कोई अनियमितता पाई जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

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