सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य पर जामुड़िया थाना द्वारा रक्तदान शिविर, 50 यूनिट रक्त संग्रह

जामुड़िया। समाजसेवा और जनकल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के जामुड़िया थाना की ओर से बुधवार को थाना सभागार में एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस शिविर में पुलिस अधिकारियों, पुलिसकर्मियों तथा स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के दौरान कुल 50 यूनिट रक्त संग्रह किया गया।
रक्तदान शिविर का संचालन आसनसोल जिला अस्पताल ब्लड सेंटर की चिकित्सकीय टीम की देखरेख में किया गया। मेडिकल टीम ने रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच के बाद सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानव सेवा के इस अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम का उद्घाटन एसीपी मिमान कुमार मिर्धा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करना भी पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है और इस प्रकार के आयोजन समाज में मानवता, सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। साथ ही ऐसे कार्यक्रमों से पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास तथा आपसी संबंध भी और अधिक सुदृढ़ होते हैं। एसीपी मिर्धा ने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है और जरूरत पड़ने पर यही रक्त किसी व्यक्ति के जीवन की रक्षा कर सकता है। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील भी की। शिविर में जामुड़िया थाना प्रभारी सोमेन्द्र सिंह ठाकुर, श्रीपुर फाड़ी प्रभारी मेहराज अंसारी, केंदा फाड़ी प्रभारी मदन मोहन दत्ता, चुरुलिया फाड़ी प्रभारी बुद्धदेव गैन सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन में सेवा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सामाजिक कार्यक्रम न केवल जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी साबित होते हैं, बल्कि समाज में जागरूकता और जनभागीदारी को भी बढ़ावा देते हैं। जामुड़िया थाना की इस पहल को स्थानीय लोगों ने पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय तथा सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

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