आसनसोल जिला अस्पताल में न्यूट्रीशन रिहैबिलिटेशन सेंटर का शुभारंभ

कुपोषित बच्चों को मिलेगा विशेष उपचार, 14 दिनों तक होगी समग्र देखभाल; मंत्री अग्निमित्रा पाल ने किया उद्घाटन

आसनसोल। कुपोषण से जूझ रहे बच्चों को बेहतर चिकित्सा एवं पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आसनसोल जिला अस्पताल में शुक्रवार को न्यूट्रीशन रिहैबिलिटेशन सेंटर (एनआरसी) का शुभारंभ किया गया। पश्चिम बंगाल सरकार की शहरी विकास एवं नगर पालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने फीता काटकर इस अत्याधुनिक केंद्र का उद्घाटन किया। इस केंद्र के शुरू होने से पश्चिम बर्धमान के साथ-साथ आसपास के जिलों एवं पड़ोसी राज्यों से आने वाले कुपोषित बच्चों को भी विशेष उपचार का लाभ मिल सकेगा।अस्पताल परिसर में स्थापित इस 10 बेड वाले न्यूट्रीशन रिहैबिलिटेशन सेंटर में पांच वर्ष तक की आयु के गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों का समुचित उपचार किया जाएगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में बच्चों को कम से कम 14 दिनों तक भर्ती रखकर पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण तथा आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी। केंद्र की विशेषता यह है कि उपचार अवधि के दौरान बच्चे की मां भी उसके साथ वार्ड में रह सकेगी, जिससे बच्चों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा बच्चों के लिए अलग फीडिंग जोन बनाया गया है, जहां उन्हें पोषण विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार संतुलित आहार दिया जाएगा। वहीं, बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास को ध्यान में रखते हुए प्ले-जोन भी तैयार किया गया है, जिसमें रंग-बिरंगे खिलौनों एवं खेल सामग्री की व्यवस्था की गई है।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़ एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आसनसोल जिला अस्पताल केवल पश्चिम बर्धमान ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों तथा पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए भी एक महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र है। ऐसे में न्यूट्रीशन रिहैबिलिटेशन सेंटर की शुरुआत से बड़ी संख्या में बच्चों को लाभ मिलेगा और कुपोषण के खिलाफ प्रभावी लड़ाई को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखोपाध्याय, पश्चिम बर्धमान के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओएच) डॉ. मोहम्मद यूनुस, जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. तपन कुमार विश्वास, पूर्व अधीक्षक डॉ. निखिल चंद्र दास सहित अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस केंद्र में बच्चों को चिकित्सा उपचार के साथ-साथ संतुलित पोषण, नियमित निगरानी और अभिभावकों को पोषण संबंधी परामर्श भी दिया जाएगा, ताकि उपचार के बाद भी बच्चे स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हो सकें। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि यह केंद्र क्षेत्र में बाल कुपोषण की रोकथाम और उपचार के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

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