कुआर्डी ग्राम बचाओ समिति की विशाल जनसभा, ग्रामीणों ने रश्मि प्रबंधन से की वार्ता

क्वार्टर खाली कराने और बिजली आपूर्ति बंद करने के विरोध में हजारों ग्रामीणों का प्रदर्शन, जनहित में संवाद की उठाई मांग

रानीगंज। पश्चिम बर्धमान जिले के रानीगंज क्षेत्र स्थित कुमारडीहा-3 में शुक्रवार को कुआर्डी ग्राम बचाओ समिति के बैनर तले एक विशाल जनसभा एवं विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। जनसभा में हजारों की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य कुआर्डी कोलियरी एवं आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कथित रूप से आवासीय क्वार्टर खाली कराने और बिजली आपूर्ति बंद किए जाने के विरोध में अपनी आवाज बुलंद करना था। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने अपने अधिकारों, सुरक्षा और पुनर्वास को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन एवं कंपनी प्रबंधन से समाधान की मांग की।
जनसभा को संबोधित करते हुए भूमिपुत्र सीमांतो बाऊरी, अधिवक्ता विनोद यादव, मानवाधिकार कार्यकर्ता रेखा भट्टाचार्य, सुशीला यादव, निताई बाऊरी तथा लक्ष्मीकांत बाऊरी ने कहा कि किसी भी विकास परियोजना को लागू करने से पहले स्थानीय लोगों के अधिकारों, सम्मान और आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों से बिना संवाद स्थापित किए किसी प्रकार की कार्रवाई उचित नहीं है। वक्ताओं ने ग्रामीणों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया तथा उनके बीच फैले भय और असमंजस को दूर करने का प्रयास किया। जनसभा के बाद हजारों ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण रैली निकाली और रश्मि कंपनी के कार्यालय पहुंचे। वहां प्रतिनिधिमंडल ने कंपनी प्रबंधन के साथ वार्ता कर अपनी मांगों से अवगत कराया। ग्रामीणों ने आग्रह किया कि किसी भी परिवार को भय या दबाव का वातावरण न बनाया जाए तथा भविष्य में किसी भी निर्णय से पहले स्थानीय लोगों के साथ बैठकर बातचीत की जाए। उनका कहना था कि आपसी सहमति और विश्वास के आधार पर ही क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों का संचालन होना चाहिए। रश्मि समूह की ओर से महाप्रबंधक उपेंद्र कुमार सिंह तथा अधिकारी द्विवेदी ने प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की और ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुना। बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, इस संबंध में किसी अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं की गई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कुआर्डी ग्राम बचाओ समिति के अध्यक्ष राजेश बाऊरी, सचिव संजीत मोदी, कोषाध्यक्ष रामकृष्ण बाऊरी सहित दुर्गा बाऊरी, चंदन बाऊरी, सुशांत स्वाई, सुजीत यादव और सन्नी पासवान की सक्रिय भूमिका रही। सभा के अंत में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे विकास और औद्योगिक परियोजनाओं के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास कार्यों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के पुनर्वास, आवास, बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी पक्षों के साथ संवाद के माध्यम से स्थायी समाधान निकालने की अपील की।

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