सालानपुर के अचारा में तृणमूल और भाजपा समर्थकों के बीच हिंसक झड़प, कई घायल

दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाया हमले का आरोप, पुलिस ने संभाला मोर्चा

आसनसोल। पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल के सालानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अचारा इलाके में शुक्रवार देर रात टीएमसी और भाजपा के कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प से इलाके में तनाव फैल गया। घटना में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना पंचायत कार्यालय के समीप उस समय हुई, जब एक घर के बाहर खड़ी दो पिकअप वैन से सामान उतारा जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, देर रात वाहन से सामान उतारे जाने को लेकर कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने सवाल किए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। इस घटना में तृणमूल कांग्रेस के दो कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए आसनसोल जिला अस्पताल भेजा गया। वहीं भाजपा की ओर से दावा किया गया कि उसके करीब दस कार्यकर्ताओं के सिर और शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आई हैं। कुछ घायलों का इलाज पिठाकेरी अस्पताल में कराया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को आसनसोल जिला अस्पताल रेफर किया गया। भाजपा नेताओं का आरोप है कि जब उनके कार्यकर्ताओं ने देर रात सामान उतारे जाने पर सवाल उठाया, तब तृणमूल नेता पल्लव तिवारी और रोनी तिवारी ने कथित रूप से हथियारों के साथ हमला कर दिया। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडे और लोहे की रॉड लेकर पहुंचे तथा अचानक हमला बोल दिया, जिसमें पल्लव तिवारी और रोनी तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए। तृणमूल ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने एक मोटरसाइकिल में आग लगाने का प्रयास किया। तृणमूल नेता पल्लव तिवारी ने भाजपा नेता चिन्मय तिवारी पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया। हालांकि चिन्मय तिवारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनका इस घटना से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि वह हिंसा में विश्वास नहीं करते और सभी लोगों से कानून अपने हाथ में नहीं लेने की अपील की। वहीं पल्लव तिवारी के बड़े भाई संजय सुकुल ने बताया कि उनके निजी विद्यालय के लिए पुस्तकें और कॉपियां पिकअप वाहन से उतारी जा रही थीं। इसी दौरान 10 से 15 लोगों का एक समूह वहां पहुंचा और कथित रूप से लाठी एवं लोहे की छड़ों से हमला कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने वाहन में आग लगाने का भी प्रयास किया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलने पर रूपनारायणपुर पुलिस चौकी की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद हालात पर नियंत्रण पाया। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया तथा क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। घटना के बाद कांग्रेस नेता प्रसेनजीत पुइटुंडी भी घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने राजनीतिक हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस प्रकार की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अचारा गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है।

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