रानीगंज के तिराट बालू घाट पर महिलाओं का उग्र प्रदर्शन, ओवरलोड बालू ट्रकों का परिचालन रोक किया प्रदर्शन

बदहाल सड़क, जल संकट और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सैकड़ों महिलाओं ने खोला मोर्चा

रानीगंज। रानीगंज के तिराट बालू घाट क्षेत्र में सोमवार को सैकड़ों महिलाओं ने क्षेत्र की जर्जर सड़कों, बढ़ते जल संकट तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने बालू घाट से निकलने वाले ओवरलोड बालू ट्रकों का परिचालन रोक दिया, जिससे कुछ समय के लिए बालू परिवहन पूरी तरह बाधित हो गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि तिराट बालू घाट से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ओवरलोड बालू ट्रकों का आवागमन होता है। भारी वाहनों के लगातार गुजरने से क्षेत्र की सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और स्कूली विद्यार्थियों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कई बार संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि बालू के अत्यधिक खनन के कारण नदी का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है। इससे आसपास के गांवों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है और लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि अवैध और ओवरलोड बालू परिवहन पर शीघ्र रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने प्रशासन से ओवरलोड बालू ट्रकों के परिचालन पर तत्काल रोक लगाने, क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराने, पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा क्षेत्र में अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं से बातचीत कर उन्हें शांत कराने तथा उनकी मांगों को संबंधित प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बावजूद समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन जारी था और प्रशासन की ओर से किसी अंतिम निर्णय या आधिकारिक घोषणा की जानकारी नहीं मिली थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन को शीघ्र ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *