
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यक्रम पर उठे सवाल, यातायात व्यवस्था प्रभावित होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी
आसनसोल। सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का हेलमेट वितरण कार्यक्रम बुधवार को विवादों में घिर गया। आसनसोल के बर्नपुर स्थित चित्रा सिनेमा हॉल के सामने आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान सड़क पर भारी यातायात जाम लग गया, जिससे आम नागरिकों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, कार्यक्रम के लिए मुख्य सड़क के किनारे ही स्टॉल लगाया गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कुछ ही देर में सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा। जाम के कारण कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों तथा अन्य यात्रियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि सड़क सुरक्षा अभियान के नाम पर आयोजित कार्यक्रम में यातायात व्यवस्था का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि बिना हेलमेट चलने वाले वास्तविक दोपहिया वाहन चालकों को रोककर जागरूक करने के बजाय आयोजकों ने अपने परिचितों और समर्थकों को हेलमेट वितरित किए। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्थानीय नागरिकों ने भी कार्यक्रम के आयोजन के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सड़क सुरक्षा का संदेश देने वाला कार्यक्रम ही सड़क जाम का कारण बन जाए, तो उसका उद्देश्य प्रभावित हो जाता है। उनका मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन यातायात बाधित किए बिना किया जाना चाहिए, ताकि आम लोगों को असुविधा न हो। कुछ लोगों ने वितरित किए गए हेलमेट की गुणवत्ता पर भी प्रश्न उठाए। उनका आरोप है कि हेलमेट सामान्य मानकों के अनुरूप नहीं लग रहे थे और उनकी गुणवत्ता संतोषजनक नहीं थी। हालांकि, इस संबंध में किसी सक्षम सरकारी एजेंसी अथवा अधिकृत संस्था की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटना के बाद हीरापुर ट्रैफिक गार्ड की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कार्यक्रम के कारण यातायात बाधित होने की आशंका थी, तो आवश्यक अनुमति और यातायात प्रबंधन की समुचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई। लोगों ने यह भी जानना चाहा कि सड़क पर इस प्रकार का कार्यक्रम आयोजित करने के लिए संबंधित प्रशासनिक अनुमति ली गई थी या नहीं। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के आयोजकों अथवा पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। वहीं, इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए बेहतर यातायात प्रबंधन की मांग कर रहे हैं।
