
दुर्गापुर। दुर्गापुर के कोकओवन थाना क्षेत्र स्थित डीपीएल प्रशासनिक भवन के समीप एक निजी फैक्ट्री में ड्यूटी के दौरान एक ठेका श्रमिक की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और साथी श्रमिकों ने फैक्ट्री के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। सूचना मिलने पर कोकओवन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को ठेका श्रमिक फैक्ट्री में काम कर रहा था। इसी दौरान उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। फैक्ट्री के अंदर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और अन्य श्रमिक बड़ी संख्या में फैक्ट्री पहुंचे और मुख्य गेट के सामने शव रखकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए कंपनी उचित मुआवजा दे और परिवार के एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराए। उनका आरोप था कि ठेका श्रमिकों को आवश्यक सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं नहीं मिलतीं, जिससे इस तरह की घटनाओं के बाद परिवार पूरी तरह असहाय हो जाता है। काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद कोकओवन थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और फैक्ट्री प्रबंधन से बातचीत की। पुलिस के समझाने के बाद स्थिति सामान्य हुई। फैक्ट्री प्रबंधन ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मृतक के परिजनों के साथ बातचीत की जा रही है। श्रम कानूनों और कंपनी के नियमानुसार जो भी सहायता संभव होगी, वह उपलब्ध कराई जाएगी। इधर, इस घटना के बाद ठेका श्रमिकों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। श्रमिक संगठनों का आरोप है कि कई निजी उद्योगों में ठेका श्रमिकों को कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) समेत अन्य वैधानिक सुविधाएं नहीं मिलतीं। ऐसे में दुर्घटना या अचानक मौत की स्थिति में उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और फैक्ट्री परिसर में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।
