
उन्नत कोयला उपयोग प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने तथा भविष्य की ऊर्जा समाधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, आज ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) में भूमिगत कोयला गैसीकरण (Underground Coal Gasification – UCG) एवं इसके डाउनस्ट्रीम उपयोग पर आधारित एक कार्यशील प्रदर्शन मॉडल का उद्घाटन श्री सतीश झा, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी), ईसीएल द्वारा किया गया।
उद्घाटन समारोह में श्री गुंजन कुमार सिन्हा, निदेशक (मानव संसाधन), ईसीएल सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी, विभागाध्यक्ष एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। यह प्रदर्शन मॉडल भूमिगत कोयला गैसीकरण प्रौद्योगिकी के वैज्ञानिक सिद्धांतों, परिचालन प्रक्रिया तथा भविष्य की संभावनाओं को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह प्रौद्योगिकी झारखंड स्थित कास्ता वेस्ट कोल ब्लॉक में एक अग्रणी पायलट परियोजना के रूप में क्रियान्वित की जा रही है।
इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री सतीश झा ने भारत के ऊर्जा परिदृश्य में यूसीजी के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:
“भूमिगत कोयला गैसीकरण भारत में सतत कोयला उपयोग का भविष्य है। यह प्रौद्योगिकी उन विशाल गहराई में स्थित कोयला भंडारों के दोहन की क्षमता रखती है, जो वर्तमान में पारंपरिक खनन विधियों से सुलभ नहीं हैं। जैसे-जैसे देश ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है, यूसीजी अप्रयुक्त कोयला संसाधनों को मूल्यवान ऊर्जा एवं औद्योगिक फीडस्टॉक में परिवर्तित कर एक परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकता है।”
इस पहल की व्यापक परिकल्पना को रेखांकित करते हुए सीएमडी ने आगे कहा:
“वर्तमान में संचालित यूसीजी पायलट परियोजना के सफल क्रियान्वयन से भारत के प्रचुर कोयला संसाधनों के स्वच्छ एवं दक्ष उपयोग के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। यह विद्युत उत्पादन, उर्वरक निर्माण, रासायनिक उद्योग, कृत्रिम ईंधन तथा भविष्य की हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था संबंधी पहलों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है, जिससे देश की दीर्घकालिक ऊर्जा एवं औद्योगिक विकास आवश्यकताओं को बल मिलेगा।”
यह मॉडल यूसीजी प्रक्रिया का व्यापक दृश्यात्मक प्रस्तुतीकरण प्रदान करता है, जिसमें भूमिगत कोयला गैसीकरण, सिंथेटिक गैस (सिंगैस) का उत्पादन तथा उसके विभिन्न डाउनस्ट्रीम उपयोगों को दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त, यह प्रौद्योगिकी के पर्यावरणीय एवं परिचालन संबंधी लाभों, जैसे न्यूनतम सतही व्यवधान, व्यावसायिक जोखिमों में कमी तथा गहरे कोयला भंडारों के प्रभावी उपयोग को भी प्रदर्शित करता है।
कोल इंडिया लिमिटेड की प्रमुख अनुसंधान एवं विकास (R&D) पहल के अंतर्गत भूमिगत कोयला गैसीकरण परियोजना का संयुक्त क्रियान्वयन ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) एवं सीएमपीडीआई द्वारा किया जा रहा है, जिसमें कनाडा स्थित ERGO Exergy Technologies Inc. तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है। इस परियोजना का उद्देश्य भारतीय भू-खनन परिस्थितियों में यूसीजी की तकनीकी एवं आर्थिक व्यवहार्यता स्थापित करना तथा भविष्य में इसके वाणिज्यिक उपयोग का मार्ग प्रशस्त करना है।
इस कार्यशील प्रदर्शन मॉडल का उद्घाटन कोयला क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी उन्नति एवं सतत विकास के प्रति ईसीएल की प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है। यह पहल कर्मचारियों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं एवं अगली पीढ़ी की कोयला प्रौद्योगिकियों में रुचि रखने वाले सभी हितधारकों के लिए ज्ञान-साझाकरण के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगी।
