
सरकारी संसाधनों की बर्बादी पर मंत्री सख्त, नगर निगम प्रशासन से मांगा जवाब
आसनसोल। आसनसोल नगर निगम क्षेत्र के कालीपहाड़ी स्थित गोदाम में सरकारी संसाधनों के रखरखाव को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। नगर निगम के गोदाम के औचक निरीक्षण के दौरान राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने वहां की स्थिति देखकर गहरी नाराजगी और चिंता व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान गोदाम में बड़ी मात्रा में तिरपाल, डस्टबिन और अन्य आवश्यक सामग्री लंबे समय से अनुपयोगी एवं उपेक्षित अवस्था में पड़ी मिली, जिससे सरकारी संपत्तियों के संरक्षण और उपयोग को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मंत्री ने निरीक्षण के दौरान देखा कि राहत एवं जनकल्याण कार्यों में उपयोग की जाने वाली बड़ी संख्या में तिरपाल लंबे समय से गोदाम में पड़े-पड़े खराब हो रहे हैं। इन सामग्रियों का लाभ उन जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पाया, जिनके लिए इन्हें उपलब्ध कराया गया था। समय पर वितरण और उपयोग नहीं होने के कारण करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी सामग्री के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि नगर निगम द्वारा स्वच्छता अभियान के तहत उपयोग किए जाने वाले कई डस्टबिन टूटे और जर्जर हालत में गोदाम परिसर में पड़े हैं। इसके अलावा कचरा संग्रहण एवं परिवहन कार्य में लगाए जाने वाले कई बड़े वाहन भी लंबे समय से खराब अवस्था में खड़े हैं। इन वाहनों की मरम्मत या उपयोग को लेकर कोई ठोस पहल नहीं किए जाने पर भी मंत्री ने असंतोष व्यक्त किया। अग्निमित्रा पाल ने कहा कि सरकारी संसाधनों की इस प्रकार की उपेक्षा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के अधिकारों और सुविधाओं की अनदेखी भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के कर के पैसे से खरीदी गई सामग्री का सही समय पर उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ तथा राज्य में स्वच्छ और हरित शहर विकसित करने के उद्देश्य को सफल बनाने के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और संसाधनों का प्रभावी उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा करने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया।सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण के बाद नगर निगम के विभिन्न विभागों में हलचल तेज हो गई है। मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में आगे कड़ी कार्रवाई किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन सामग्रियों का समय पर उपयोग किया गया होता तो शहर की स्वच्छता व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को काफी लाभ मिल सकता था। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और सरकारी संसाधनों के संरक्षण एवं उपयोग को लेकर क्या कार्रवाई की जाती है।
