
कोलकाता, 30 मई । पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अन्नपूर्णा योजना को लेकर चल रही आशंकाओं को दूर करने का प्रयास करते हुए कहा है कि फॉर्म भरने के लिए सरकारी प्रतिनिधि प्रत्येक लाभार्थी के घर जाएंगे। उन्होंने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने और पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिलने का भरोसा रखने की अपील की।
शनिवार सुबह बिधाननगर स्थित एक अस्पताल में आयोजित गर्भाशय ग्रीवा कैंसर टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नपूर्णा योजना के तहत पहले चरण की राशि आगामी बुधवार को लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “फॉर्म भरने के लिए लोगों के घर-घर सरकारी प्रतिनिधि जाएंगे और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराएंगे। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। सभी पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलेगा।”
उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि योजना की राशि वास्तविक लाभार्थियों तक ही पहुंचे। उनके अनुसार, अपात्र व्यक्तियों या पुरुषों को इस योजना का लाभ न मिले, इसके लिए आवश्यक जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि, विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में अन्नपूर्णा योजना शुरू करने का वादा किया था। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को प्रतिमाह तीन हजार रुपये देने की घोषणा की गई थी। सत्ता में आने के बाद राज्य सरकार ने योजना का आवेदन पत्र जारी किया है।
हालांकि, 11 पृष्ठों के आवेदन पत्र में भूमि संबंधी दस्तावेजों से लेकर परिवार के सदस्यों के बैंक संबंधी विवरण तक कई जानकारियां मांगे जाने के कारण कुछ लोगों ने इसे जटिल बताया है। कई लोगों का कहना है कि यह प्रक्रिया अन्य सामाजिक सहायता योजनाओं की तुलना में अधिक विस्तृत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार संकल्प पत्र में किए गए प्रत्येक वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और अन्नपूर्णा योजना भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार के अनुसार, 25 से 60 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकेंगी। हालांकि, आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी, नियमित वेतनभोगी तथा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं इसके दायरे में नहीं आएंगी।
योजना के आवेदन पत्र में परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी गई है। इसी कारण कुछ वर्गों की ओर से आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग भी उठी है।
हालांकि, इससे पहले मंत्री अग्निमित्रा पाल भी आवेदन प्रक्रिया को लेकर लोगों को आश्वस्त कर चुकी हैं। अब मुख्यमंत्री ने भी योजना को लेकर पैदा हुई शंकाओं को दूर करने का प्रयास किया है।
