आसनसोल में अवैध लॉटरी का बड़ा खुलासा, मिनीबस से लाखों के टिकट बरामद — पुलिस कार्रवाई पर उठे पारदर्शिता के सवाल

झारखंड से संचालित संगठित गिरोह का खुलासा, चालक-खलासी को छोड़ने पर विवाद; जांच की दिशा पर टिकी सबकी नजर

आसनसोल। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सलानपुर थाना क्षेत्र के कल्याणेश्वरी नाका चेकिंग प्वाइंट पर एक मिनीबस से भारी मात्रा में अवैध लॉटरी टिकट बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से जहां पुलिस की सक्रियता सामने आई है, वहीं पूरे मामले में पारदर्शिता को लेकर कई गंभीर सवाल भी उठ खड़े हुए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को मैथन के कालीपहाड़ी इलाके से ‘कृपामय’ नामक मिनीबस (WB37C5476) आसनसोल की ओर आ रही थी। नियमित नाका जांच के दौरान पुलिस ने वाहन को रोककर तलाशी ली। इस दौरान बस से पांच बड़े बंडलों में भरी अवैध लॉटरी बरामद की गई। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक इन लॉटरी टिकटों की कीमत लाखों रुपये में हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, बरामद लॉटरी टिकटों को आसनसोल सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में खपाने की योजना थी। जांच में एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। बताया जा रहा है कि गुद्दू खान और दीपक तिवारी झारखंड से अवैध लॉटरी की आपूर्ति करते थे, जबकि पल्टू सिंह स्थानीय स्तर पर इसकी सप्लाई का नेटवर्क संभालता था। यह अवैध नेटवर्क जामुड़िया, रानीगंज और दुर्गापुर तक फैला हुआ बताया जा रहा है। हालांकि, इस पूरे मामले में उस समय विवाद गहरा गया जब पूछताछ के बाद बस चालक और खलासी को छोड़ दिया गया। मौके पर मौजूद पत्रकारों और स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पुलिस की कार्यशैली पर संदेह जताया। लोगों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि कहीं इस मामले में किसी बड़े नेटवर्क को बचाने की कोशिश तो नहीं की जा रही, या फिर जांच के शुरुआती चरण के कारण जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। जानकारों का मानना है कि झारखंड-बंगाल सीमा क्षेत्र में अवैध लॉटरी का कारोबार तेजी से फैल रहा है। बेरोजगारी और त्वरित कमाई के लालच में कई लोग इस गैरकानूनी गतिविधि से जुड़ते जा रहे हैं, जिससे प्रशासन के सामने चुनौती और बढ़ गई है। कुल मिलाकर, यह कार्रवाई एक ओर जहां पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल इस पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना रहे हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है और क्या इस अवैध कारोबार से जुड़े बड़े नाम सामने आते हैं।

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