
जर्जर सड़क, बिजली-पानी की समस्या को बनाया चुनावी मुद्दा; टीएमसी और भाजपा पर अंदरूनी तालमेल का आरोप
जामुड़िया। जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी के बीच नेशनल कंजर्वेटिव पार्टी (एनसीपी) की प्रत्याशी रिया मुखर्जी ने नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 3 अंतर्गत पड़िहारपुर गांव में जनसंपर्क अभियान चलाकर चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और बदलाव की अपील की। प्रचार अभियान के दौरान रिया मुखर्जी ने जामुड़िया क्षेत्र की जर्जर सड़कों, बदहाल विद्युत व्यवस्था और पेयजल संकट को लेकर वर्तमान जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन मूलभूत समस्याओं के समाधान में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे आम जनता को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अपने संबोधन में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी हरेराम सिंह, उनके पुत्र प्रेमपाल सिंह तथा भाजपा प्रत्याशी डॉ. बिजन मुखर्जी पर तीखा हमला बोला। रिया मुखर्जी ने आरोप लगाया कि तृणमूल और भाजपा के बीच अंदरूनी समझ बनी हुई है, जिसके कारण दोनों दल एक-दूसरे के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने से बच रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जामुड़िया के कई भाजपा कार्यकर्ता उनके समर्थन में आ रहे हैं। उनका कहना था कि भाजपा प्रत्याशी केवल चुनाव के समय ही क्षेत्र में सक्रिय दिखाई देते हैं, जबकि बाकी समय जनता से दूर रहते हैं। ऐसे में जनता को सोच-समझकर मतदान करने की जरूरत है, ताकि क्षेत्र का भविष्य सुरक्षित रह सके। रिया मुखर्जी ने अपने विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य जामुड़िया को “मॉडल जामुड़िया” के रूप में विकसित करना है। इसके तहत शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान करने और रोजगार के नए साधन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है, ताकि उन्हें बाहर पलायन न करना पड़े और क्षेत्र में ही विकास की नई संभावनाएं पैदा हों। कुल मिलाकर, रिया मुखर्जी का यह जनसंपर्क अभियान जामुड़िया में चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनता उनके इन वादों और आरोपों को किस रूप में लेती है और आगामी मतदान में इसका क्या प्रभाव पड़ता है।
