स्वामी विश्वदेवानन्द जी महाराज का जीवन वसुद्येव कुटुंबकम् सिद्धान्त की प्रेरणा देता है

कोलकाता । ब्रह्मलीन निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विश्वदेवानन्द जी महाराज का जीवन वसुद्येव कुटुंबकम् सिद्धान्त की प्रेरणा देता है, जिसका तात्पर्य है – ईश्वर की संरचना विश्व एक परिवार है । इस दृष्टिकोण को साकार करने के लिये स्वामी विश्वदेवानंद महाराज ने हरिद्वार में विश्व कल्याण फाउंडेशन (साधना यतन) की स्थापना की । उन्होंने हरिद्वार स्थित कनखल में श्रीयंत्र मन्दिर एवम् राजराजेश्वरी स्वर्णकाली की स्थापना की । सन 1985 में श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा ने स्वामी विश्वदेवानंद जी को प्रमुख आचार्य पद पर मनोनीत किया । अखाड़ा के प्रमुख आचार्य के रूप में कोलकाता, हरिद्वार, अहमदाबाद, वाराणसी स्थित आश्रम के अध्यक्ष पद को सुशोभित किया । स्वामी विश्वदेवानन्द जी के बताए मार्ग का अनुसरण कर भारत के श्रद्धालु भक्त भक्ति मार्ग पर चल रहे हैं । स्वामी विश्वदेवानन्द महाराज को ब्रह्मलीन स्वामी अतुलानन्द महाराज ने दीक्षा दी थी । सत्संग भवन के ट्रस्टी पण्डित लक्ष्मीकांत तिवारी, दीपक मिश्रा ने बताया 15 अप्रैल 2026 को ब्रह्मलीन स्वामी विश्वदेवानंद जी की निर्वाण तिथि के अवसर पर सत्संग भवन में स्मृति सभा, धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे । उन्होंने सभी श्रद्धालु भक्तों से उपस्थित रह कर पुण्य अर्जित करने का निवेदन किया ।

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