
.रानीगंज। पश्चिम बर्धमान जिले के रानीगंज इलाके में एक बार फिर बेलगाम डंपर ने एक युवक की जान ले ली, जिसके बाद पूरे तिराट क्षेत्र में तनाव और हिंसा का माहौल बन गया। सोमवार दोपहर तिराट ग्राम पंचायत के निमचा फांड़ी क्षेत्र के अंतर्गत शिबानंद आश्रम के सामने एक दर्दनाक सड़क हादसे में लगभग 23 वर्षीय आदिवासी युवक अविनाश मुर्मू की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक का घर आसनसोल दक्षिण थाना क्षेत्र के डामरा इलाके के आड़ाडांगा में बताया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अविनाश मुर्मू तिराट के हाड़ाभांगा के पास स्थित एक ईंट भट्ठे में काम करने के बाद साइकिल से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बालू लोड करने जा रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी, हालांकि स्थानीय लोगों के मदत से पुलिस उन्हें तुरंत अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। आदिवासी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए और पुलिस की गाड़ियों को घेरकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब पुलिस की ओर से प्रारंभ में यह सूचना दी गई कि युवक जीवित है और उसका इलाज चल रहा है। इस कथित भ्रामक जानकारी से नाराज लोगों ने शव को मौके पर लाने की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज कर दिया। इधर, हादसे के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर दामोदर नदी की ओर भाग निकला। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने डंपर की पहचान कर इलाके के दामोदर नदी स्थित बालु घाट क्षेत्र में पहुंचकर वहां खड़े कई डंपरों में आग लगा दी। देखते ही देखते पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर डीसी ध्रुव दास, रानीगंज थाना प्रभारी, निमचा फांड़ी की प्रभारी सहित भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बल तैनात किए गए। काफी मशक्कत के बाद स्थिति आंशिक रूप से काबू में लाई जा सकी। घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। वही इस घटना की जानकारी मिलते ही आसनसोल दक्षिण की निवर्तमान विधायक एवं भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पाल मौके पर पहुंचीं और इसके विरोध मे सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की। इसके साथ ही इलाके के बालु घाट संचालन को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इन घाटों का संचालन सत्ता के संरक्षण में हो रहा है और यहां से अवैध वसूली की जा रही है। हालांकि इस संबंध में तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। वहीं, इस हादसे के बाद मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी रूपाली मुर्मू अपने पति की असामयिक मृत्यु से गहरे सदमे में हैं। उनका तीन वर्षीय पुत्र है, जिसका भविष्य अब अनिश्चितता में घिर गया है। वही इस घटना को लेकर स्थानीय आदिवासी समुदाय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मृतक के परिवार को जल्द उचित आर्थिक मुआवजा नहीं दिया गया, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
