
कोलकाता । वृन्दावन से पधारे भागवताचार्य वल्लभ जी महाराज ने पी एस मैग्नम में समाजसेवी भवानीशंकर अग्रवाल, राजेश एवम् ममता अग्रवाल द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रोताओं को भाव विभोर करते हुए वैदिक, सनातन संस्कृति का पालन करने की प्रेरणा दी । यश एवम् रोहित अग्रवाल तथा परिवार के सदस्यों ने सपरिवार उपस्थित श्रद्धालु भक्तों का स्वागत किया । भागवताचार्य वल्लभ जी महाराज ने शिव विवाह, ध्रुव चरित्र, भक्त प्रहलाद कथा, श्रीराम जन्म एवम् श्रीकृष्ण जन्म उत्सव – बाल लीला, गोवर्धन पूजा तथा विविध प्रसंग में भजनों की अमृत वर्षा के साथ संगीतमय कथा सुना कर भाव विभोर किया ।

भागवताचार्य ने कहा भगवान श्रीकृष्ण का बचपन गौसेवा में बीता, इसीलिए उनका नाम गोपाल पड़ा । मोरमुकुटधारी, पीताम्बरधारी श्रीकृष्ण के जीवन में गौमाता उनकी आराध्य है । भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला पर श्रोताओं को भाव-विभोर करते हुए कहा मथुरा की रज में श्रीकृष्ण भक्ति समाहित है । बृज में हर जगह श्रीकृष्ण रमे हुए हैं । नन्द उत्सव की संगीतमय कथा सुनाते हुए कहा माखन चुराना, गोपियों की मटकियां फोड़ना और बांसुरी बजाना, माता यशोदा का स्नेह, श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं भक्तों को विशेष रिझाती है ।

अग्रवाल परिवार, पी एस मैग्नम के निवासियों, श्रद्धालु भक्तों ने व्यास पीठ का पूजन किया एवम् सामूहिक आरती की ।
