
कोलकाता, 19 मार्च । सॉल्ट लेक स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य कार्यालय में गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा ने राज्य में बढ़ती राजनीतिक हिंसा को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
राहुल सिन्हा ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, पूरे पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा और बम से जुड़ी घटनाओं में वृद्धि हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में बम विस्फोट और हथियारों के जखीरे मिलने की घटनाओं के पीछे सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का हाथ है।
उन्होंने दावा किया कि अतीत में स्कूल परिसरों तक को हथियारों के भंडार में बदल दिया गया था और बम विस्फोटों में बच्चों की मौत जैसी दुखद घटनाएं भी हुई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा कभी गहन तलाशी के आदेश दिए गए थे, लेकिन वह अभियान जल्द ही बंद हो गया और इसके कारणों का जवाब अब तक नहीं मिला है।
हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देगंगा में एक युवक का शव बरामद होना सत्तारूढ़ दल के अंदरूनी संघर्ष का परिणाम है। उनके मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक विवाद ही राज्य में अशांति का एक बड़ा कारण हैं, जबकि इसका दोष अन्य पार्टी पर मढ़ने की कोशिश की जाती है।
तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार हुमायूं कबीर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि एक पूर्व पुलिस अधीक्षक और वर्तमान उम्मीदवार को अपने ही क्षेत्र में सुरक्षा के बिना जाने में डर लगता है, तो इससे राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति स्पष्ट हो जाती है।
राहुल सिन्हा ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक संघर्षों में कई कार्यकर्ताओं की मौत हुई है, जो अब एक स्थायी राजनीतिक संस्कृति का रूप ले चुकी है। इस कारण पुलिस प्रशासन का बड़ा हिस्सा ऐसे संघर्षों को नियंत्रित करने में व्यस्त रहता है।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि कई मामलों में पीड़ितों को ही दोषी ठहराया गया और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, जो कानून-व्यवस्था की गिरती स्थिति को दर्शाता है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर उन्होंने कहा कि हाल में किए गए प्रशासनिक बदलाव निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार खुद पहले कई पुलिस अधिकारियों का तबादला कर चुकी है, लेकिन अब आयोग के कदमों का विरोध कर रही है।
पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि अन्य दलों के उम्मीदवारों या गठबंधनों को लेकर भाजपा को कोई चिंता नहीं है और जनता का समर्थन ही अंतिम परिणाम तय करेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री के बयानों को “भ्रम पैदा करने की कोशिश” बताते हुए कहा कि जनता वास्तविक स्थिति को समझ रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में राहुल सिन्हा ने कहा कि भाजपा राज्य में कानून का राज स्थापित करने, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और किसान-श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के सत्ता में आने पर राज्य में सुरक्षित और लोकतांत्रिक माहौल बहाल किया जाएगा और बंगाल को फिर से देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाएगा।
