कोलकाता, 19 मार्च । पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने नामांकन दाखिल करने से पहले अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी पाने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है।
भाजपा नेता इस बार भवानीपुर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने नामांकन प्रक्रिया से पहले चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, अपने हलफनामे में सही जानकारी देने के लिए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है।
अपनी याचिका में अधिकारी ने कहा है कि पुलिस उनके खिलाफ दर्ज कुल मामलों की स्पष्ट और अद्यतन जानकारी उपलब्ध नहीं करा रही है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार नामांकन के समय प्रत्याशियों को फार्म-26 के तहत शपथपत्र दाखिल करना होता है।
इस शपथपत्र में सभी लंबित आपराधिक मामलों का विवरण और व्यक्तिगत जानकारी देना अनिवार्य होता है। स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के कारण उन्होंने अदालत से इस मामले में निर्देश देने की मांग की है। इस याचिका पर सप्ताह के अंत में सुनवाई होने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2022 में कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा ने आदेश दिया था कि अदालत की अनुमति के बिना उनके खिलाफ कोई नया प्राथमिकी दर्ज नहीं किया जाएगा।
हालांकि 24 अक्टूबर 2025 को न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता ने इस अंतरिम राहत को समाप्त कर दिया था और कहा था कि इस तरह की सुरक्षा अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रह सकती। अदालत ने 15 मामलों को निराधार या राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए उन्हें खारिज भी कर दिया था।
इसके बाद पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोणा में उनके काफिले पर कथित हमले के मामले में एक नया केस दर्ज हुआ था। इस मामले में उच्च न्यायालय ने उन्हें 19 फरवरी 2026 तक अंतरिम राहत दी थी।
इन परिस्थितियों को देखते हुए शुभेंदु अधिकारी ने एक बार फिर अदालत का दरवाजा खटखटाया है ताकि नामांकन दाखिल करने से पहले उनके खिलाफ लंबित सभी मामलों की पूरी और अद्यतन जानकारी मिल सके।
