कोलकाता, 18 मार्च । चुनाव आयोग इस सप्ताह अतिरिक्त मतदाता सूची जारी कर सकता है, जिसमें लगभग 20 लाख मतदाताओं की स्थिति स्पष्ट होगी। इन मतदाताओं के सत्यापन की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, नई सूची में यह बताया जाएगा कि किन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बने रहेंगे और किन्हें हटाया जाएगा। यह कदम उस व्यापक सत्यापन अभियान के बीच उठाया जा रहा है, जिसमें 60.06 लाख से अधिक लोगों को विचाराधीन श्रेणी में रखा गया है।
कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त न्यायिक अधिकारी इन मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। दस्तावेजों के सत्यापन के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि कौन वैध मतदाता है और कौन नहीं।
सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार तक 21 लाख से अधिक मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच और निपटान का काम पूरा हो चुका था। पहली अतिरिक्त सूची में इनमें से लगभग 20 लाख मतदाताओं की स्थिति सामने आ सकती है।
इस संबंध में मंगलवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक उच्चस्तरीय बैठक भी हुई, जिसमें मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल, मुख्य सचिव दुश्मंत नारियाला, गृह सचिव संघमित्रा घोष, पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता, मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल तथा विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता मौजूद थे।
सूत्रों ने बताया कि अतिरिक्त सूची शुक्रवार या शनिवार को जारी की जा सकती है।
जिन मतदाताओं के नाम इस अतिरिक्त सूची में शामिल नहीं होंगे, उन्हें न्यायपालिका के अधीन विशेष न्यायाधिकरण में अपील करने का अवसर मिलेगा। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप इन न्यायाधिकरणों के गठन की तैयारी भी चल रही है। अगले दो से तीन दिनों में इनकी संरचना को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
यह सत्यापन प्रक्रिया विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के आंकड़ों में पाई गई विसंगतियों के बाद सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर की जा रही है। इस काम के लिए पश्चिम बंगाल के अलावा झारखंड और ओडिशा के न्यायिक अधिकारियों को भी लगाया गया है।
वर्तमान में कुल 705 न्यायिक अधिकारी विचाराधीन मतदाताओं से जुड़े मामलों के निपटारे में लगे हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, चुनाव से पहले सत्यापन प्रक्रिया जारी रहने के कारण कई और अतिरिक्त मतदाता सूचियां जारी की जा सकती हैं। शेष मतदाताओं की जांच पूरी करने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, नामांकन की अंतिम तिथि से पहले अंतिम सूची में शामिल सभी पात्र मतदाता मतदान कर सकेंगे।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे। पहले चरण के लिए नामांकन की अंतिम तिथि छह अप्रैल तथा दूसरे चरण के लिए नौ अप्रैल तय की गई है। इन तिथियों तक अंतिम सूची में शामिल पात्र मतदाता संबंधित चरण में मतदान कर सकेंगे।
