
जामुड़िया। जामुड़िया औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार सुबह अचानक लगे कुछ पोस्टरों ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। “प्रियंका टिब्रेवाल हटाओ, जामुड़िया बचाओ” शीर्षक वाले इन पोस्टरों को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में लगाए गए इन पोस्टरों में यह लिखा गया है कि जामुड़िया में किसी भी “बाहरी उम्मीदवार” को स्वीकार नहीं किया जाएगा। पोस्टर में भाजपा नेत्री प्रियंका टिब्रेवाल का नाम लेते हुए उन्हें जामुड़िया की राजनीति से दूर रखने की मांग की गई है। इसके साथ ही पोस्टर में भाजपा के जिला सचिव अपूरबा हाज़रा पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्टर में उन्हें “बालू चोर”, “कोयला चोर”, “चाटुकार” और “तोलाबाज” जैसे शब्दों से संबोधित करते हुए जामुड़िया से दूर रखने की अपील की गई है। पोस्टर में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि जिला और राज्य नेतृत्व जनहित में उचित निर्णय नहीं लेता और किसी बाहरी उम्मीदवार को जामुड़िया से चुनाव मैदान में उतारा जाता है, तो जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश कार्यकर्ता चुनाव में निष्क्रिय हो सकते हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि आम जनता भी बाहरी उम्मीदवार को वोट नहीं देगी। शनिवार सुबह जब ये पोस्टर जामुड़िया के विभिन्न इलाकों में देखे गए तो पूरे औद्योगिक क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन पोस्टरों को किसने लगाया है। पोस्टर में भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल का प्रतीक भी दिखाई दे रहा है, जिससे विवाद और बढ़ गया है। इस पूरे मामले को लेकर भाजपा नेताओं ने सत्तारूढ़ दल पर साजिश का आरोप लगाया है। भाजपा नेता हिरनमोय बंदयोपाध्याय और संजय सिंह ने दावा किया कि यह पोस्टर भाजपा की ओर से नहीं लगाया गया है। उनका कहना है कि यदि प्रियंका टिब्रेवाल जामुड़िया से उम्मीदवार बनती हैं, तो सत्तारूढ़ दल को भारी अंतर से हार का सामना करना पड़ सकता है। इसी डर से तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों ने साजिश के तहत यह पोस्टर लगाकर भाजपा को बदनाम करने की कोशिश की है। वहीं इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेत्री प्रियंका तिब्रेवॉल ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर डर और असुरक्षा की भावना साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि तृणमूल में “कायर लोग” हैं, जो सीधे तौर पर कुछ कहने की हिम्मत नहीं रखते और इसलिए कमल के प्रतीक का इस्तेमाल कर इस तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं। वही दूसरी ओर, इन आरोपों को खारिज करते हुए जामुड़िया के विधायक हरेराम सिंह ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस इस तरह की राजनीति में विश्वास नहीं करती। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य केवल जनता की सेवा और विकास कार्य करना है।हरेराम सिंह ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि भाजपा के भीतर गुटीय संघर्ष नहीं होता, तो इस तरह की घटनाएं सामने नहीं आतीं। उनके अनुसार भाजपा के अंदरूनी मतभेद के कारण ही पार्टी के अलग-अलग गुट एक-दूसरे के खिलाफ इस तरह की पोस्टरबाजी कर रहे हैं और बाद में इसका आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगाया जा रहा है। फिलहाल इस पोस्टरबाजी की घटना ने जामुड़िया सहित पूरे औद्योगिक क्षेत्र की राजनीति चर्चा तेज हो गया है।राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या यह वास्तव में भाजपा के अंदरूनी गुटीय संघर्ष का परिणाम है या फिर सत्तारूढ़ दल की किसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा।फिलहाल पूरा मामला अटकलों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच घिरा हुआ है
