नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय का जदयू के बंगाल महासचिव सुभाष सिंह ने किया विरोध

बिहार की जनता ने मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का जनादेश दिया, ऐसा फैसला जनादेश का अपमान-सुभाष सिंह

आसनसोल। जनता दल यूनाइटेड की पश्चिम बंगाल प्रदेश इकाई के महासचिव सुभाष सिंह ने शुक्रवार को बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय का कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला बिहार की जनता द्वारा दिए गए जनादेश का निरादर और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
सुभाष सिंह ने कहा कि बिहार की जनता ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाकर राज्य की सेवा करने का अवसर दिया था। ऐसे में उनका राज्यसभा जाने का निर्णय जनता की उम्मीदों और विश्वास के साथ अन्याय के समान है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि होता है और किसी भी बड़े निर्णय से पहले जनता की भावना का सम्मान किया जाना चाहिए। बिहार के लोगों ने आने वाले 25 से 30 वर्षों के विकास को लेकर जो सपने देखे थे, वह इस निर्णय के कारण अधूरे रह सकते हैं। सुभाष सिंह ने यह भी कहा कि इतने महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले नीतीश कुमार को पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राष्ट्रीय कार्यकारिणी से सलाह-मशविरा करना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना व्यापक चर्चा के लिया गया यह निर्णय पार्टी की आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया की भी अनदेखी करता है। उन्होंने कहा कि देश भर में पार्टी के कार्यकर्ता, नेता, विधायक, सांसद और मंत्री इस निर्णय से हैरान और निराश हैं। बिहार की जनता भी इस फैसले को लेकर असमंजस और निराशा की स्थिति में है।
पश्चिम बंगाल प्रदेश जदयू इकाई की ओर से सुभाष सिंह ने नीतीश कुमार से अपील करते हुए कहा कि अभी भी समय है और उन्हें जनता के जनादेश का सम्मान करते हुए बिहार की सेवा में पुनः सक्रिय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी और जनता यह जानना चाहती है कि आखिर किन परिस्थितियों में यह निर्णय लिया गया और क्यों पार्टी के संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को दरकिनार किया गया। सुभाष सिंह ने अंत में कहा कि नीतीश कुमार के इस फैसले से पश्चिम बंगाल में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता हतप्रभ और निराश हैं तथा वे उम्मीद करते हैं कि इस मुद्दे पर जल्द ही स्पष्टता सामने आएगी।

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