रानीगंज में 76 लाख की सड़क निर्माण पर बवाल: घटिया सामग्री के आरोप में तृणमूल के गुट का विरोध, पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप

रानीगंज। रानीगंज ब्लॉक के रोटीबाटी ग्राम पंचायत अंतर्गत चापुई सावड़ा इलाके में सड़क निर्माण कार्य को लेकर शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। तृणमूल कांग्रेस के एक गुट के नेतृत्व में स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में कथित तौर पर घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और तृणमूल के वरिष्ठ स्थानीय नेताओं का कहना है कि हाल ही में बनाई जा रही सड़क की गुणवत्ता बेहद खराब है। उनका आरोप है कि सड़क पर डाली गई सीमेंट की परत बनते ही उखड़ने लगी है। सड़क निर्माण में प्रयुक्त सामग्री से अत्यधिक धूल उड़ रही है, जो आसपास के घरों तक पहुंच रही है। ग्रामीणों का दावा है कि इससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और कई लोग बीमार हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, जिला परिषद के फंड से लगभग 76 लाख रुपये की लागत से करीब 1,100 मीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी यहां सीमेंटेड सड़क बनाई गई थी, जिसकी परत आज भी मजबूत और सुरक्षित है। लेकिन इस बार बनाई जा रही सड़क की सीमेंट कोटिंग कमजोर है और लगातार झड़ रही है। विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़क पर बैठकर ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की जांच की मांग की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्राम प्रधान, तृणमूल पंचायत सदस्य तथा निमचा फांड़ी पुलिस मौके पर पहुंचे। इस दौरान तृणमूल के कुछ पुराने नेताओं ने खुलकर आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया है। वहीं दूसरी ओर, ग्राम प्रधान और पंचायत प्रतिनिधियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सड़क का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार और गुणवत्तापूर्ण सामग्री से किया गया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहे हैं। मौके पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। हालांकि, किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। इस मामले में जिला परिषद के सभाधिपति विश्वनाथ बाउरी ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ और नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया के तहत योग्य ठेकेदार को सौंपा गया है। उन्होंने दावा किया कि निर्माण में उच्च गुणवत्ता के सीमेंट और अन्य सामग्रियों का उपयोग किया गया है तथा विरोध केवल कुछ लोगों द्वारा स्वयं को सुर्खियों में लाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि सड़क निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि गुणवत्ता को लेकर उठ रहे संदेह दूर हो सकें। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कौन-से उपाय किए जाते हैं।

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