वैलेंटाइन डे 2026: 14 फरवरी को ही क्यों मनाया जाता है प्यार का दिन? जानें इतिहास, परंपरा और आज का महत्व

वैलेंटाइन वीक का आखिरी और सबसे खास दिन अब करीब है। दुनिया भर में लोग 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाने की तैयारी कर रहे हैं। यह दिन मोहब्बत, अपनापन और रिश्तों को खास तरीके से व्यक्त करने का मौका देता है। वैलेंटाइन डे की शुरुआत कहां से हुई? वैलेंटाइन डे की जड़ें प्राचीन रोमन त्योहार ‘लूपर्कालिया’ से जुड़ी मानी जाती हैं। यह पर्व फरवरी के मध्य में मनाया जाता था और वसंत के आगमन से इसका संबंध था। बाद में इस परंपरा को बदलकर इसे सेंट वैलेंटाइन के नाम से जोड़ा गया। वैलेंटाइन से जुड़ी मशहूर कहानियां वैलेंटाइन डे को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं। एक कहानी के अनुसार सेंट वैलेंटाइन एक पादरी थे, जिन्होंने राजा के आदेश के खिलाफ जाकर गुप्त रूप से प्रेमी जोड़ों की शादी करवाई। कहा जाता है कि इसी कारण उन्हें दंड दिया गया। यह भी माना जाता है कि उन्होंने जेल से एक खत लिखा था, जिसके अंत में लिखा था – “From your Valentine.”
कार्ड, गुलाब और चॉकलेट की परंपरा
करीब 1500 के दशक से लोग इस दिन अपने प्रियजनों को हाथ से लिखे संदेश भेजने लगे थे। समय के साथ यह परंपरा व्यावसायिक कार्ड, लाल गुलाब, चॉकलेट और दिल के प्रतीक में बदल गई। इस दिन लोग अपने पार्टनर, क्रश या पसंदीदा व्यक्ति के लिए गिफ्ट, डेट और सरप्राइज की योजना बनाते हैं। मकसद सिर्फ अपने दिल की बात कहना होता है। वैलेंटाइन डे से पहले एक पूरा हफ्ता प्यार को समर्पित रहता है, जिसे वैलेंटाइन वीक कहा जाता है। इसकी शुरुआत 7 फरवरी को रोज डे से होती है। इसके बाद प्रपोज डे, चॉकलेट डे, टेडी डे, प्रॉमिस डे, हग डे और किस डे मनाया जाता है। खुद से प्यार करना भी है जरूरी अब यह दिन सिर्फ कपल्स तक सीमित नहीं रहा। कई लोग इसे ‘सेल्फ-लव डे’ के रूप में भी मनाते हैं। वे अपने लिए समय निकालते हैं, पसंद की चीजें खरीदते हैं और वही करते हैं जिससे उन्हें खुशी मिलती है। चाहे आप सिंगल हों या किसी रिश्ते में, इस दिन का असली अर्थ प्यार को महसूस करना और उसे मनाना है। आज के समय में वैलेंटाइन डे का मतलब आज यह दिन दोस्तों, परिवार और खास लोगों के प्रति स्नेह जताने का अवसर बन चुका है। यह हमें याद दिलाता है कि हर रिश्ते में प्रेम के साथ सम्मान भी जरूरी है। गुलाब की कीमतों में उछाल शहर के अलग-अलग बाजारों में वैलेंटाइन डे से पहले गुलाब की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखी गई। जो देसी गुलाब पहले 10 रुपये में मिलते थे, वे अब कहीं 30, कहीं 40 तो कहीं 50 रुपये तक बिक रहे हैं। प्रेम के इस मौसम में फूलों की मांग बढ़ने से दाम भी चढ़ गए हैं।

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