आसनसोल के सेंट जोसेफ स्कूल के सामने नेशनल नर्सरी पर निगम की कार्रवाई, तृणमूल नेता राजू अहलूवालिया के नेतृत्व में विरोध

आसनसोल।आसनसोल के सेंट जोसेफ स्कूल के सामने स्थित पार्क परिसर में संचालित नेशनल नर्सरी पर मंगलवार को आसनसोल नगर निगम की ओर से कार्रवाई किए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई को लेकर इलाके में काफी तनाव और राजनीतिक हलचल देखने को मिली। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस परिवहन संगठन के नेता राजू अहलूवालिया के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और नगर निगम की इस कार्रवाई का तीव्र विरोध दर्ज कराया। आरोप लगाया गया है कि नगर निगम की ओर से नर्सरी में तोड़फोड़ की गई। वही मौके पर मौजूद राजू अहलूवालिया ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा “यह जगह नगर निगम द्वारा पार्क के रूप में विकसित की गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि पार्क की जमीन पर किसी तरह की दुकान या नर्सरी कैसे संचालित हो रही है?” उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि यह अवैध है, तो पहले इसे वर्षों तक चलने क्यों दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम के भीतर कई तरह की अनियमितताएं हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए। नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए राजू अहलूवालिया ने कहा कि “नगर निगम की यह कार्यप्रणाली पूरी तरह अस्वीकार्य है। बिना स्पष्ट सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के इस तरह की कार्रवाई आम लोगों के साथ अन्याय है। हम इस मुद्दे को लेकर चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि इस मामले में पारदर्शिता नहीं बरती गई और उचित समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर नेशनल नर्सरी के मालिक ने भी नगर निगम की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। वही नर्सरी मालिक का आरोप है कि“बिना किसी पूर्व नोटिस के निगम की टीम ने तोड़फोड़ की, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ।”नर्सरी मालिक ने इस संबंध में आसनसोल नगर निगम में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि यदि वह स्थान वास्तव में पार्क की जमीन है, तो वहां व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति कैसे दी गई। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यदि नर्सरी वर्षों से संचालित थी, तो अचानक की गई कार्रवाई पर निगम को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। फिलहाल इस पूरे मामले में आसनसोल नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। नगर निगम का पक्ष आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि कार्रवाई किस नियम के तहत की गई और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

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