
जामुड़िया। जामुड़िया थाना अंतर्गत केंदा पुलिस फाड़ी के तहत चाकदोला मोड़ से सटे इलाके मे एक बंद पड़े ईंट भट्ठे में मंगलवार दोपहर अचानक आग लग गई। आग भट्ठे के पास उगी सूखी घास और झाड़ियों में लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
सूखी घास बनी आग फैलने की वजह
गर्मी के बढ़ते प्रकोप के कारण पूरे इलाके में घास-फूस और झाड़ियां पूरी तरह सूख चुकी हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि किसी व्यक्ति की लापरवाही या जानबूझकर की गई हरकत से आग लगी हो, हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आग की पहली लपटें दोपहर के समय ईंट भट्ठे के एक छोर पर सूखी घास में देखी गईं। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे खाली पड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। सूखी घास और झाड़ियों की अधिकता के कारण आग तेजी से फैलती चली गई।
धुएं का गुबार देख फैली दहशत
आग से उठता घना धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोग भयभीत हो गए। कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और आग पर काबू पाने की कोशिशों को देखने लगे।
पुलिस और फायर ब्रिगेड की तत्परता
स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय लोगों ने तुरंत केंदा फाड़ी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। आग की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जामुड़िया इंडस्ट्रियल तालुक स्थित श्याम मेटालिक्स के फायर डिपार्टमेंट से संपर्क किया। सूचना मिलने के बाद श्याम मेटालिक्स की फायर ब्रिगेड तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया।
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू
फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक काबू पा लिया। हालांकि, चारों ओर फैली सूखी घास और फूस की अधिकता के कारण फायरफाइटर्स को आग को पूरी तरह बुझाने में काफी परेशानी उठानी पड़ी।
आग जानबूझकर लगाए जाने की आशंका
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग जानबूझकर लगाई गई हो सकती है, क्योंकि लंबे समय से बंद पड़े ईंट भट्ठे में प्राकृतिक कारणों से आग लगने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों की शिकायत
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह ईंट भट्ठा काफी समय से बंद पड़ा है और इसकी कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। आसपास घास-फूस और झाड़ियां जमा होने के कारण हमेशा आग लगने का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे परित्यक्त स्थलों की साफ-सफाई और निगरानी की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
बड़ा हादसा टला
गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। यदि आग फैलकर रिहायशी इलाके की ओर बढ़ जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
