टाइम पास नहीं, भविष्य निर्माण की सरकार है भजनलाल सरकार : गोपाल शर्मा

भजनलाल सरकार हर कसौटी पर ‘पास’ : गोपाल शर्मा
– पेपर लीक को लेकर कांग्रेस पर प्रहार, बोले— जब तक दोषी जेल नहीं जाएंगे, सुख-शांति नहीं
– सुशासन की त्रिवेणी है भजनलाल सरकार, महा-संगम से की तुलना

जयपुर (आकाश शर्मा)। राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान बुधवार को सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार को “पास” सरकार करार देते हुए सराहना की।
विधायक शर्मा ने कहा कि ”पास” का अर्थ है— पी से पॉलिटिकल स्ट्रेंथ (राजनैतिक दृढ़ता), ए से एडमिनिस्ट्रेटिव कैपेसिटी (प्रशासनिक क्षमता), एस से सोशल कमिटमेंट (सामाजिक प्रतिबद्धता), स्ट्रेटिजिक फोरसाइट (नीतिगत दूरदृष्टि)। उन्होंने कहा कि इन चारों कसौटियों पर भजनलाल सरकार हर कदम पर पास हुई है।

प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए गोपाल शर्मा ने कांग्रेस के वरिष्ठ विधायकों पर राज्यपाल के अभिभाषण का अध्ययन तक नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण केवल 47 पृष्ठों का दस्तावेज नहीं, बल्कि उसमें 7,900 शब्द और 35 हजार अक्षर हैं, जिनका निहितार्थ सुख, शांति और समृद्धि से जुड़ा है।

विधायक शर्मा ने कहा कि एक सरकार केवल “टाइम पास” करती है, जबकि दूसरी आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और सुखद भविष्य का निर्माण करती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार भविष्य गढ़ने वाली सरकार है।

भजनलाल सरकार को “सुशासन की त्रिवेणी” बताते हुए उन्होंने इसकी तुलना प्रयागराज के महा-संगम से की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में विकास की गति, जनाकांक्षाओं की पूर्ति और सर्व-समावेशी नीतियों का स्पष्ट प्रतिबिंब दिखाई देता है।

पेपर लीक प्रकरण को लेकर विधायक गोपाल शर्मा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन डीजीपी ने सबसे पहले पेपर लीक की फाइल देखी थी, उन्होंने स्वयं कहा था कि यदि ईमानदारी से कार्रवाई होती तो दो तत्कालीन मंत्री जेल जाते। उन्होंने कहा कि जब तक ऐसे नेता जेल नहीं जाते, राजस्थान में सुख-शांति का शासन संभव नहीं है और ऐसे लोगों को स्वतः आत्मसमर्पण करना चाहिए।

उन्होंने कहावत ‘माडो बार घाले… ठाडो बाट देखे…’ का उल्लेख करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा पर भी तंज कसा।

अपने वक्तव्य के समापन में विधायक शर्मा ने कहा कि सरकार की इंद्रधनुषी उपलब्धियां सामने हैं और अब सभी को बासंती बजट का इंतजार है। इस बीच के राजनीतिक क्षणों को उन्होंने साहित्यिक संदर्भों से जोड़ते हुए कहा कि यह वही समय है, जिसे कवि माघ ने कल्पना में देखा और बिहारी ने कहा— जिनके दोहरे तीर केवल विद्वान ही समझ सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *