
महिलाओं, कर्मियों और युवाओं को राहत,लक्ष्मी भंडार से लेकर ‘बंगालर युव साथी’ तक कई अहम घोषणाएं
कोलकाता (आकाश शर्मा)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनावी साल के तीसरे कार्यकाल का अंतिम अंतरिम बजट गुरुवार को विधानसभा में प्रस्तुत किया गया। चुनाव से ठीक पहले आए इस बजट पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी थीं। सरकार ने इस बजट के माध्यम से महिलाओं, युवाओं, कर्मचारियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को राहत देने के उद्देश्य से कई अहम घोषणाएं की हैं।
राज्य की वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दोपहर 2:30 बजे विधानसभा में अंतरिम बजट पेश किया। इससे पूर्व राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस का बजट भाषण हुआ, जिस पर सदन में लगभग एक घंटे तक चर्चा चली। यह बजट ममता बनर्जी सरकार के तीसरे कार्यकाल का अंतिम बजट है, जिसे जनकल्याण और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाला माना जा रहा है।
अंतरिम बजट में आशा कर्मियों, आंगनवाड़ी कर्मियों एवं आंगनवाड़ी सहायकों के भत्ते में 1000 रुपये की वृद्धि की गई है। इसके लिए सरकार ने सैकड़ों करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे राज्य की लाखों महिला कर्मियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
इसके अलावा सिविक वॉलंटियर और ग्रीन पुलिस के मासिक वेतन में भी 1000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस मद में सरकार ने 150 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है।
बजट की सबसे प्रमुख घोषणा ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना को लेकर की गई। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी महिलाओं को मिलने वाली मासिक सहायता राशि में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो फरवरी माह से लागू होगी। वर्तमान में सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की महिलाओं को 1200 रुपये की सहायता दी जाती है।
राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) 4 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा भी की गई है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद इस निर्णय को कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है।
बजट में युवाओं के लिए नई योजना ‘बंगालर युव साथी’ की घोषणा की गई है। सरकार के सत्ता में लौटने पर यह योजना 15 अगस्त से लागू होगी। इसके तहत 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के माध्यमिक पास युवाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह का भत्ता प्रदान किया जाएगा।
कुल मिलाकर, यह अंतरिम बजट महिला सशक्तिकरण, युवा कल्याण और कर्मचारी हितों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में सामाजिक योजनाओं को और अधिक सशक्त किया जाएगा।
