lकोलकाता। पूर्वी कोलकाता के आनंदपुर थाना क्षेत्र के नाजिराबाद इलाके में स्थित दो गोदामों में लगी भीषण आग की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। पुलिस के अनुसार, अब भी कई लोग लापता हैं। इस मामले में पुलिस ने जले हुए डेकोरेटर्स गोदाम के मालिक गंगाधर दास को लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, डेकोरेटर्स गोदाम के बगल में एक मोमो कंपनी का गोदाम भी था, जो आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इस मामले में मोमो कंपनी के मालिकों के खिलाफ भी समान धाराओं में केस दर्ज किया गया है, हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। घटना रविवार रात करीब 3 बजे की है, जब पूर्वी कोलकाता के इन दो गोदामों में आग लगी। सोमवार से लेकर मंगलवार शाम तक आग सुलगती रही। जले हुए गोदामों के आसपास कई जगहों पर मानव अंगों के अवशेष बिखरे मिले हैं। घटना के समय मौके पर कितने लोग मौजूद थे, इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। जले हुए शवों की पहचान संभव न होने के कारण डीएनए जांच के जरिए पहचान कराई जाएगी। पुलिस ने अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि सरकारी तौर पर 20 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। आग किस गोदाम से लगी और कैसे फैल गई, इस बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। दमकल विभाग की शिकायत के आधार पर नरेंद्रपुर थाने में लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए इसी धारा में एक और केस दर्ज किया है। दोहरे मामलों की जांच के दौरान मंगलवार रात को गरिया इलाके से गंगाधर दास को गिरफ्तार किया गया। बुधवार को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें बारुईपुर महकमा अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए जांच की अनुमति को लेकर अदालत में आवेदन किया जाएगा। वहीं गंगाधर दास ने पुलिस के सामने अपनी लापरवाही से इनकार किया है। उनका दावा है कि आग मोमो फैक्ट्री की लापरवाही के कारण लगी, जिससे उनका वर्षों पुराना व्यवसाय पूरी तरह तबाह हो गया। हालांकि आग की वास्तविक उत्पत्ति को लेकर अब तक कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
इस घटना के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि जले हुए गोदामों में अग्निशमन की कोई व्यवस्था थी या नहीं। मंगलवार को घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे दमकल विभाग के डीजी रणबीर कुमार ने बताया कि इन गोदामों के लिए दमकल विभाग की ओर से कोई अग्नि सुरक्षा स्वीकृति नहीं दी गई थी। बिना अनुमति के गोदामों के संचालन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय स्तर पर किसी प्रकार की चूक हुई है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। घटनास्थल का दौरा करने के बाद कोलकाता के मेयर और राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि किसी की रोजी-रोटी बंद करना समाधान नहीं है, वरना फिर सवाल उठेंगे। वहीं कुछ लोगों ने दावा किया कि ये गोदाम जलाशय को पाटकर बनाए गए थे, हालांकि मंत्री ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है और फिलहाल किसी नए जलाशय को नहीं भरा जा रहा है।
