
कोलकाता, 1 जनवरी 2026: प्रसिद्ध कहावत है, ‘सब तीर्थ बार-बार, गंगासागर एकबार।’ इस साल गंगासागर मेले में रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्री पहुंचने की उम्मीद के बीच दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। 2025 के आखिरी दिन आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जिला मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार मीणा और जिला सभापति नीलिमा मिस्त्री विशाल ने सभी व्यवस्थाओं का खुलासा किया।2026 गंगासागर मेला 8 जनवरी से शुरू होकर 17 जनवरी तक चलेगा। मुख्य पुण्य स्नान 14 जनवरी दोपहर 1:19 से 15 जनवरी दोपहर 1:19 तक होगा। लाखों भक्त गंगासागर में डुबकी लगाएंगे। प्रशासन ने सुरक्षा व यातायात की पुख्ता व्यवस्था की है।

जिलाधिकारी ने बताया कि मेले को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर दिया गया है। पांच अस्थायी अस्पताल (नामखाना, लॉट-8, कचुबेरिया, चेमागुड़ी और मेला परिसर) में कुल 125 बेड उपलब्ध होंगे। रास्ते के अस्पतालों में अतिरिक्त 415 बेड जोड़कर कुल 540 बेड सुनिश्चित किए गए हैं। एक एयर एम्बुलेंस, तीन वॉटर एम्बुलेंस और 100 एम्बुलेंस तैनात रहेंगी। सागर और लॉट-8 पर विशेषज्ञ चिकित्सक, पैरामेडिक व नर्स तैनात होंगे। रोगी स्थानांतरण के लिए ग्रीन कॉरिडोर भी तैयार है। अपार तीर्थयात्रियों को ध्यान में रखते हुए एक करोड़ जल पाउच जमा किए गए हैं।
पिछले मेलों की तर्ज पर कालीघाट व तारापीठ मंदिरों की तर्ज पर अस्थायी मंदिर बनाए जाएंगे, ताकि दूर-दराज से आए भक्त दर्शन कर सकें। सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस, स्वयंसेवक, सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन निगरानी रहेगी। 2500 से अधिक बसें रेल स्टेशन व बस स्टैंड से तीर्थयात्रियों को लाएंगी। 21 जेटी, 13 बार्ज और 45 वेसल उपलब्ध होंगे। रीयल टाइम ट्रैकिंग के लिए 12 से अधिक सीसीटीवी और 20 ड्रोन महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात रहेंगे।2500 से अधिक सिविल डिफेंस वॉलंटियर, 18 अस्थायी फायर स्टेशन, 150 से अधिक एनजीओ के 10 हजार स्वयंसेवक और 12 हजार से अधिक मोबाइल-अस्थायी शौचालय सुविधा प्रदान करेंगे। प्रशासन ने हर मोर्चे पर पूर्ण सतर्कता बरतने का भरोसा दिलाया है।
