वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर कोलकाता में विराट आयोजन, पीटी उषा करेंगी रैली का नेतृत्व

कोलकाता, 27 दिसंबर । राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कोलकाता में दो दिवसीय विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। लोक भवन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के तहत 5 और 6 जनवरी, 2026 को कई सांस्कृतिक और जनसंपर्क गतिविधियां होंगी। अधिकारियों के अनुसार, भारत की प्रसिद्ध एथलीट पीटी उषा 6 जनवरी को प्रस्तावित एक रैली का नेतृत्व करेंगी।
लोक भवन की ओर से सोशल मीडिया मंच पर दी गई जानकारी के अनुसार, यह आयोजन वंदे मातरम और उसके रचनाकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रति सम्मान को समर्पित होगा। कार्यक्रमों की शुरुआत उन स्थानों से की जाएगी, जो लेखक और राष्ट्रीय गीत से ऐतिहासिक रूप से जुड़े रहे हैं।

तीन रैलियां 5 जनवरी को निकाली जाएंगी, जो कोलकाता स्थित जोरासांको ठाकुरबाड़ी पर आकर समाप्त होंगी। यहां अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाएगी। अखंड ज्योति का अर्थ है ऐसी पवित्र लौ, जो निरंतर जलती रहती है और राष्ट्रीय एकता व स्मृति का प्रतीक मानी जाती है। इसी दिन तीन मोटरसाइकिल रैलियां भी निकाली जाएंगी। प्रत्येक रैली में 150 मोटरसाइकिल सवार शामिल होंगे। ये रैलियां उत्तर 24 परगना जिले के नैहाटी स्थित बंकिम भवन गवेषणा केंद्र, कोलकाता के प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय और हुगली जिले के चूंसराह स्थित बंकिम भवन से शुरू होंगी। चूंसराह वही स्थान है, जहां वंदे मातरम की रचना की गई थी। ये सभी रैलियां जोरासांको ठाकुरबाड़ी पर समाप्त होंगी।

इसी अखंड ज्योति को लेकर 6 जनवरी को जोरासांको ठाकुरबाड़ी से विक्टोरिया मेमोरियल तक एक विशेष रैली निकाली जाएगी। इस रैली का नेतृत्व पीटी उषा द्वारा किए जाने की संभावना है।
विक्टोरिया मेमोरियल में 6 जनवरी की शाम भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में कई प्रसिद्ध गायक हिस्सा लेंगे और वंदे मातरम को विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्रस्तुत करेंगे। इनमें श्रेया घोषाल, सोनू निगम, अरिजीत सिंह, कैलाश खेर, उषा उत्थुप, पापोन, शंकर महादेवन और कविता कृष्णमूर्ति शामिल हैं।
इस पूरे आयोजन का मार्गदर्शन पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस द्वारा किया जा रहा है। राज्यपाल ने शुक्रवार को एक संचालन समिति की बैठक की थी, जिसमें इन कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। यह आयोजन संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से किया जाएगा।
लोक भवन के अनुसार, वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में कई अन्य कार्यक्रमों के आयोजन पर भी विचार किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *