Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the wordpress-seo domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home/ahscw237zdpo/public_html/wp-includes/functions.php on line 6121
पहलगाम में शहीद हुए सैलानियों को राष्ट्रीय कवि संगम ने दी श्रद्धांजलि - Kolkata Saransh News

पहलगाम में शहीद हुए सैलानियों को राष्ट्रीय कवि संगम ने दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रीय कवि संगम दक्षिण हावड़ा द्वारा धूमधाम से मनाई गई जानकी नवमी

कोलकाता 6 मई : राष्ट्रीय कवि संगम पश्चिम बंगाल की दक्षिण हावड़ा इकाई द्वारा कल जानकी नवमी के अवसर पर सायं 8 बजे से तरंग माध्यम से गूगल मीट पर एक भव्य काव्य संध्या का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. गिरिधर रॉय ने की । मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय महामंत्री श्री महेश शर्मा उपस्थित थे और विशिष्ट अतिथि के रूप में झांसी से प्रगति शंकर , मुम्बई से भास्कर झा और संस्था के सह महामंत्री श्री बलवंत सिंह उपस्थित रहे । कार्यक्रम का शुभारंभ नीलम झा द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुआ । जिला अध्यक्ष हिमाद्रि मिश्र ने लौकिक मंगलाचरण के रूप में कवि कोकिल विद्यापति की प्रसिद्ध रचना ” जय जय भैरवि ” प्रस्तुत किया ।
कार्यक्रम प्राःत स्मरणीया जनक सुता जानकी पर ही केन्द्रित था पर पहलगाम में हुए जघन्य नर संघार भी अछूता नहीं रहा कुछ रचनाकारों ने अपनी मार्मिक पंक्तियां सुनाकर विभोर कर दिया।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय महामंत्री श्री महेश शर्मा जी ने सीता पर कई एक छंद सुनाए जिनमें ” राम की स्मृति में आंसू भर आए ” सुनकर सभी भावुक हो उठे । जानकी जन्मोत्सव के इस कार्यक्रम में मैथिली लोक गीतों की भरमार थी । एक से एक कंठ एक से एक गीत ‘। तुलसीदास जी के शब्दों में ” को कह छोट कहत अपराधु ” वाली स्थिति थी। जिन कलाकारों ते प्रस्तुतियां दी उनमें अम्बे मिश्र मधुबनी से, प्रियंका मिश्र , सुधा मिश्रा और कंचन कंठ मुम्बई से, छाया झा और प्रिया झा दिल्ली से, विजय लक्ष्मी मिश्र कोलकाता से जुड़ीं थी। जानकी जी पर सोहर विवाह गीत और विदाई गीत जिसे समदाउन कहा जाना है प्रस्तुत किया तदुपरांत काव्यांजलि भी दी गई । जिन कवियों ने अपनी रचना प्रस्तुत की उनके नाम हैं प्रगतिशंकर ,भास्कर झा , रामाकांत सिन्हा, शशि लाहोटी ,हिमाद्रि मिश्र एवं नीलम झा । विशिष्ट अतिथि बलवंत सिंह जी ने कार्यक्रम की सराहना पांच प्रमुख बिंदुओं पर की । उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में विभिन्न प्रांतों से रचनाकारों को जोड़ना इस कार्यक्रम को विशेष बनाता है। कार्यक्रम के अध्यक्ष आदरणीय गिरिधर रॉय ने हर एक गीतकार और रचनाकार की समीक्षा करते हुए सभी की बहुत प्रशंसा की। उन्होंने पहलगांव में हुई हृदय विदारक घटना पर कुंडलियां सुनाते हुए जानकी जी पर अपनी प्रसिद्ध कविता- “हम जनक नंदिनी मां सीता की कथा सुनाते हैं” सुनाकर लोगों को भाव विभोर कर दिया । कार्यक्रम में रेखा रजक और सरिता सिंह, सीमा सिंह, स्वागता बसु, प्रतिभा सिंह आदि श्रोता के रूप में उपस्थित रहीं। पूरे कार्यक्रम लाइव प्रसारण फेसबुक पर प्रांतीय प्रभारी श्री देवेश मिश्र ने किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन नीलम झा ने और संयोजन हिमाद्रि मिश्र ने किया । समापन कल्याण मंत्र एवं पहलगांव में शहीद हुए पर्यटकों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दे कर किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *