
कोलकाता । श्री वर्धमान जैन संघ में पर्युषण महापर्व की साधना – आराधना निर्विघ्न पूर्ण होने के उपलक्ष में तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ के अभिषेक एवम स्नात्र पूजा में श्रावक – श्राविका शामिल हुए । कमल सिंह रामपुरिया, एस मिलाप चन्द, विजय चन्द बैद, माणक चन्द सेठिया, मुल्तान चन्द सुराणा, दिलीप दुगड़, नरेन्द्र बांठिया, विनीत रामपुरिया, शांतिलाल, महेन्द्र कुमार, संजय रामपुरिया, महेन्द्र सुराणा, महेन्द्र डागा, संदीप बांगाणी एवम जैन बंधुओं ने सपरिवार स्नात्र पूजा – अर्चना कर परस्पर क्षमापना की । परस्पर क्षमापना जैन धर्म में महत्वपूर्ण पर्व है । क्षमा मांगने एवम क्षमा करने से परस्पर रिश्ते सुधर सकते हैं, क्षमा करने के लिए अपने अहं को खत्म करना होता है और सहनशील होना ज़रूरी है ।
